आज का तुला राशिफल
सूर्य राशि तुला (23 सितंबर — 22 अक्टूबर) के लिए राशिफल, ग्रहों की वास्तविक स्थिति के अनुसार। इसका मुख्य भाग चंद्रमा है: वह हर दो-तीन दिन में नई राशि में जाता है और दिन का विषय तय करता है। बाकी ग्रह धीमे चलते हैं और महीने व साल की पृष्ठभूमि दिखाते हैं।
चंद्रमा
पूरे दिन — तुला में, पहला भाव।
चंद्रमा आपकी सूर्य राशि से गुज़र रहा है। परंपरा के अनुसार आपकी अपनी सेहत, रूप-रंग और निजी इच्छाएँ सबसे आगे आ जाती हैं। पहल करने और अपने ऊपर ध्यान देने का अच्छा समय है; साथ ही भावनाएँ आम दिनों की तुलना में ज़्यादा जल्दी सतह पर आती हैं।
समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव सूर्य राशि से गिने जाते हैं: वह स्वयं पहला भाव है, अगली राशि दूसरा, और इसी तरह आगे। व्याख्याएँ परंपरा के नियमों के अनुसार हैं; एक ही राशि के सभी लोगों के लिए पाठ एक जैसा है।
बाकी ग्रह
- सूर्य — वृश्चिक में, दूसरा भाव
सूर्य दूसरे भाव में: धन का महीना। परंपरा के अनुसार केंद्र में कमाई, संपत्ति और वे चीज़ें हैं, जिन पर आप टिके हैं।
- बुध — वृश्चिक में, दूसरा भाव वक्री
बुध दूसरे भाव में: कारोबारी बातचीत के केंद्र में — पैसा, क़ीमतें, सौदे और हिसाब-किताब।
बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।
- शुक्र — तुला में, पहला भाव राशि स्वामी वक्री
शुक्र आपकी सूर्य राशि में: परंपरा के अनुसार — आकर्षण, रूप-रंग पर ध्यान और दिल के मामलों में सफलता का समय।
शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।
- मंगल — सिंह में, ग्यारहवाँ भाव
मंगल ग्यारहवें भाव में: मंडलियों और समुदायों में सक्रियता, पर दोस्तों से बहस भी।
- बृहस्पति — सिंह में, ग्यारहवाँ भाव
बृहस्पति ग्यारहवें भाव में: मित्रों और संरक्षकों, सफल समुदायों और पूरी होती योजनाओं का वर्ष।
- शनि — मेष में, सातवाँ भाव वक्री
शनि सातवें भाव में: रिश्तों और अनुबंधों की मज़बूती की परीक्षा — परंपरा के अनुसार वे या तो और पक्के होते हैं, या ख़त्म हो जाते हैं।
शनि इस समय वक्री है — साल में लगभग साढ़े चार महीने। परंपरा के अनुसार — अधूरी ज़िम्मेदारियों पर लौटने का समय।
तुला राशि के भाव
राशि के अनुसार राशिफल में आपकी सूर्य राशि को पहला भाव माना जाता है, उसके बाद वाली राशि को दूसरा, और इसी तरह पूरे चक्र में। उदाहरण के लिए, मेष में स्थित ग्रह तुला के लिए सातवें भाव में होता है — साझेदारी के भाव में। तुला राशि के लिए सभी भाव इस प्रकार हैं:
| भाव | राशि | क्षेत्र |
|---|---|---|
| पहला भाव | तुला | व्यक्तित्व और सेहत |
| दूसरा भाव | वृश्चिक | धन और संपत्ति |
| तीसरा भाव | धनु | संवाद और यात्राएँ |
| चौथा भाव | मकर | घर और परिवार |
| पाँचवाँ भाव | कुंभ | प्रेम, संतान, रचनात्मकता |
| छठा भाव | मीन | काम और स्वास्थ्य |
| सातवाँ भाव | मेष | साझेदार और अनुबंध |
| आठवाँ भाव | वृषभ | साझा धन और बदलाव |
| नौवाँ भाव | मिथुन | लंबी यात्राएँ और पढ़ाई |
| दसवाँ भाव | कर्क | करियर और प्रतिष्ठा |
| ग्यारहवाँ भाव | सिंह | मित्र और योजनाएँ |
| बारहवाँ भाव | कन्या | विश्राम और एकांत |
राशि स्वामी
तुला का स्वामी शुक्र है। परंपरा के अनुसार उसकी स्थिति दिखाती है कि तुला के रिश्ते और समझौते कैसे चल रहे हैं: केंद्र भावों — पहले, चौथे, सातवें और दसवें — में शुक्र प्रबल माना जाता है, और वक्री शुक्र — पुराने रिश्तों पर लौटने का समय है, नए बनाने का नहीं।
यह राशिफल कैसे पढ़ें
चंद्रमा दिन बताता है: देखिए कि वह किस भाव में है और कहीं राशि तो नहीं बदल रहा। सूर्य महीने का विषय दिखाता है (पहले भाव में — जन्मदिन वाला महीना), बुध, शुक्र और मंगल — कुछ सप्ताहों की पृष्ठभूमि, बृहस्पति और शनि — एक साल या उससे अधिक की।
घटनाओं का समय आपके डिवाइस की घड़ी के अनुसार, समय क्षेत्र को ध्यान में रखकर दिखाया गया है। “बीता कल” और “आने वाला कल” बटन पड़ोसी दिन दिखाते हैं।
यह पाठ सभी तुला राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — तुला पेज पर।