आज का वृश्चिक राशिफल
सूर्य राशि वृश्चिक (23 अक्टूबर — 21 नवंबर) के लिए राशिफल, ग्रहों की वास्तविक स्थिति के अनुसार। इसका मुख्य भाग चंद्रमा है: वह हर दो-तीन दिन में नई राशि में जाता है और दिन का विषय तय करता है। बाकी ग्रह धीमे चलते हैं और महीने व साल की पृष्ठभूमि दिखाते हैं।
चंद्रमा
पूरे दिन — तुला में, बारहवाँ भाव।
चंद्रमा बारहवें भाव में — एकांत के भाव में। परंपरा इस भाव को कठिन मानती है: दिन शांति से बिताना बेहतर है — शुरू किया काम पूरा करें, आराम करें, कुछ समय अकेले रहें। ऊर्जा आम दिनों से कम होती है, इसलिए परंपरा महत्वपूर्ण शुरुआतों को उन दिनों तक टालने की सलाह देती है, जब चंद्रमा आपकी सूर्य राशि में आ जाए।
समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव सूर्य राशि से गिने जाते हैं: वह स्वयं पहला भाव है, अगली राशि दूसरा, और इसी तरह आगे। व्याख्याएँ परंपरा के नियमों के अनुसार हैं; एक ही राशि के सभी लोगों के लिए पाठ एक जैसा है।
बाकी ग्रह
- सूर्य — वृश्चिक में, पहला भाव
सूर्य आपकी राशि में — यह आपका महीना है, जो जन्मदिन से शुरू होता है। परंपरा के अनुसार यह ऊर्जा, व्यक्तिगत शुरुआतों और ख़ुद पर ध्यान देने का समय है।
- बुध — वृश्चिक में, पहला भाव वक्री
बुध आपकी सूर्य राशि में: बातचीत और विचार आपके ही इर्द-गिर्द घूमते हैं — अपनी बात रखने और अपने पक्ष में समझौता करने का अच्छा समय।
बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।
- शुक्र — तुला में, बारहवाँ भाव वक्री
शुक्र बारहवें भाव में: गुप्त लगाव, शांत सुख, सबसे दूर कहीं आराम।
शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।
- मंगल — सिंह में, दसवाँ भाव राशि स्वामी
मंगल दसवें भाव में: करियर में छलाँग और बॉस से टकराव; परंपरा के अनुसार — महत्वाकांक्षाओं का समय।
- बृहस्पति — सिंह में, दसवाँ भाव
बृहस्पति दसवें भाव में: करियर का वर्ष — परंपरा के अनुसार पदोन्नति, पहचान और बड़े लक्ष्यों का समय।
- शनि — मेष में, छठा भाव वक्री
शनि छठे भाव में: थका देने वाला रोज़मर्रा का काम और पुरानी तकलीफ़ों पर ध्यान — परंपरा नियमित दिनचर्या और संयम की सलाह देती है।
शनि इस समय वक्री है — साल में लगभग साढ़े चार महीने। परंपरा के अनुसार — अधूरी ज़िम्मेदारियों पर लौटने का समय।
वृश्चिक राशि के भाव
राशि के अनुसार राशिफल में आपकी सूर्य राशि को पहला भाव माना जाता है, उसके बाद वाली राशि को दूसरा, और इसी तरह पूरे चक्र में। उदाहरण के लिए, वृषभ में स्थित ग्रह वृश्चिक के लिए सातवें भाव में होता है — साझेदारी के भाव में। वृश्चिक राशि के लिए सभी भाव इस प्रकार हैं:
| भाव | राशि | क्षेत्र |
|---|---|---|
| पहला भाव | वृश्चिक | व्यक्तित्व और सेहत |
| दूसरा भाव | धनु | धन और संपत्ति |
| तीसरा भाव | मकर | संवाद और यात्राएँ |
| चौथा भाव | कुंभ | घर और परिवार |
| पाँचवाँ भाव | मीन | प्रेम, संतान, रचनात्मकता |
| छठा भाव | मेष | काम और स्वास्थ्य |
| सातवाँ भाव | वृषभ | साझेदार और अनुबंध |
| आठवाँ भाव | मिथुन | साझा धन और बदलाव |
| नौवाँ भाव | कर्क | लंबी यात्राएँ और पढ़ाई |
| दसवाँ भाव | सिंह | करियर और प्रतिष्ठा |
| ग्यारहवाँ भाव | कन्या | मित्र और योजनाएँ |
| बारहवाँ भाव | तुला | विश्राम और एकांत |
राशि स्वामी
शास्त्रीय परंपरा में वृश्चिक का स्वामी मंगल है; आधुनिक ज्योतिष इसके साथ प्लूटो को भी जोड़ता है, लेकिन यहाँ सात शास्त्रीय ग्रह लिए जाते हैं। मंगल की स्थिति दिखाती है कि वृश्चिक की ऊर्जा कहाँ लगती है और टकराव की संभावना कहाँ ज़्यादा है; वक्री मंगल — काम पूरे करने का समय है, शुरू करने का नहीं।
यह राशिफल कैसे पढ़ें
चंद्रमा दिन बताता है: देखिए कि वह किस भाव में है और कहीं राशि तो नहीं बदल रहा। सूर्य महीने का विषय दिखाता है (पहले भाव में — जन्मदिन वाला महीना), बुध, शुक्र और मंगल — कुछ सप्ताहों की पृष्ठभूमि, बृहस्पति और शनि — एक साल या उससे अधिक की।
घटनाओं का समय आपके डिवाइस की घड़ी के अनुसार, समय क्षेत्र को ध्यान में रखकर दिखाया गया है। “बीता कल” और “आने वाला कल” बटन पड़ोसी दिन दिखाते हैं।
यह पाठ सभी वृश्चिक राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — वृश्चिक पेज पर।