आज का कुंभ राशिफल
सूर्य राशि कुंभ (20 जनवरी — 18 फ़रवरी) के लिए राशिफल, ग्रहों की वास्तविक स्थिति के अनुसार। इसका मुख्य भाग चंद्रमा है: वह हर दो-तीन दिन में नई राशि में जाता है और दिन का विषय तय करता है। बाकी ग्रह धीमे चलते हैं और महीने व साल की पृष्ठभूमि दिखाते हैं।
चंद्रमा
पूरे दिन — तुला में, नौवाँ भाव।
चंद्रमा नौवें भाव में — लंबी यात्राओं और जीवन-दृष्टि के भाव में। परंपरा के अनुसार दिन जाने-पहचाने दायरे से बाहर खींचता है: यात्राओं, पढ़ाई, किताबों, बड़े सवालों और दूसरे देशों के लोगों से बातचीत की ओर। ऐसे दिन छोटे-मोटे रोज़मर्रा के काम कम अच्छे से होते हैं।
समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव सूर्य राशि से गिने जाते हैं: वह स्वयं पहला भाव है, अगली राशि दूसरा, और इसी तरह आगे। व्याख्याएँ परंपरा के नियमों के अनुसार हैं; एक ही राशि के सभी लोगों के लिए पाठ एक जैसा है।
बाकी ग्रह
- सूर्य — वृश्चिक में, दसवाँ भाव
सूर्य दसवें भाव में: करियर का महीना। परंपरा के अनुसार — लक्ष्यों, परिणामों और सार्वजनिक मूल्यांकन का समय।
- बुध — वृश्चिक में, दसवाँ भाव वक्री
बुध दसवें भाव में: कारोबारी पत्राचार, बॉस से बातचीत, करियर की योजनाएँ।
बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।
- शुक्र — तुला में, नौवाँ भाव वक्री
शुक्र नौवें भाव में: यात्राओं, पढ़ाई और दूर-दराज़ के लोगों से मुलाक़ातों का आनंद।
शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।
- मंगल — सिंह में, सातवाँ भाव
मंगल सातवें भाव में: साझेदारों से बहसें और खुले प्रतिद्वंद्वी; अपनी शर्तों पर डटे रहने का समय।
- बृहस्पति — सिंह में, सातवाँ भाव
बृहस्पति सातवें भाव में: गठबंधनों का वर्ष — परंपरा के अनुसार विवाह, साझेदारी और लाभदायक अनुबंधों के लिए अनुकूल।
- शनि — मेष में, तीसरा भाव राशि स्वामी वक्री
शनि तीसरे भाव में: गंभीर पढ़ाई, कठिन बातचीत, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के प्रति ज़िम्मेदारियाँ।
शनि इस समय वक्री है — साल में लगभग साढ़े चार महीने। परंपरा के अनुसार — अधूरी ज़िम्मेदारियों पर लौटने का समय।
कुंभ राशि के भाव
राशि के अनुसार राशिफल में आपकी सूर्य राशि को पहला भाव माना जाता है, उसके बाद वाली राशि को दूसरा, और इसी तरह पूरे चक्र में। उदाहरण के लिए, सिंह में स्थित ग्रह कुंभ के लिए सातवें भाव में होता है — साझेदारी के भाव में। कुंभ राशि के लिए सभी भाव इस प्रकार हैं:
| भाव | राशि | क्षेत्र |
|---|---|---|
| पहला भाव | कुंभ | व्यक्तित्व और सेहत |
| दूसरा भाव | मीन | धन और संपत्ति |
| तीसरा भाव | मेष | संवाद और यात्राएँ |
| चौथा भाव | वृषभ | घर और परिवार |
| पाँचवाँ भाव | मिथुन | प्रेम, संतान, रचनात्मकता |
| छठा भाव | कर्क | काम और स्वास्थ्य |
| सातवाँ भाव | सिंह | साझेदार और अनुबंध |
| आठवाँ भाव | कन्या | साझा धन और बदलाव |
| नौवाँ भाव | तुला | लंबी यात्राएँ और पढ़ाई |
| दसवाँ भाव | वृश्चिक | करियर और प्रतिष्ठा |
| ग्यारहवाँ भाव | धनु | मित्र और योजनाएँ |
| बारहवाँ भाव | मकर | विश्राम और एकांत |
राशि स्वामी
शास्त्रीय परंपरा में कुंभ का स्वामी शनि है; आधुनिक ज्योतिष इसके साथ यूरेनस को भी जोड़ता है, लेकिन यहाँ सात शास्त्रीय ग्रह लिए जाते हैं। शनि ढाई साल में एक बार राशि बदलता है — यह कुंभ के राशिफल की सबसे लंबी पृष्ठभूमि है।
यह राशिफल कैसे पढ़ें
चंद्रमा दिन बताता है: देखिए कि वह किस भाव में है और कहीं राशि तो नहीं बदल रहा। सूर्य महीने का विषय दिखाता है (पहले भाव में — जन्मदिन वाला महीना), बुध, शुक्र और मंगल — कुछ सप्ताहों की पृष्ठभूमि, बृहस्पति और शनि — एक साल या उससे अधिक की।
घटनाओं का समय आपके डिवाइस की घड़ी के अनुसार, समय क्षेत्र को ध्यान में रखकर दिखाया गया है। “बीता कल” और “आने वाला कल” बटन पड़ोसी दिन दिखाते हैं।
यह पाठ सभी कुंभ राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — कुंभ पेज पर।