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हर महीने

कर्क मासिक राशिफल

कर्क (21 जून — 22 जुलाई) के लिए चालू महीने का राशिफल। यह आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है — ग्रहों के राशि परिवर्तन, वक्री और मार्गी होना, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और पहलू — और महीने का विश्लेषण जीवन के क्षेत्रों और दिनों के अनुसार करता है।

कर्क · मासिक राशिफल
5 → 6सूर्य का भाव
24, 28, 30अच्छे दिन
5, 13, 26कठिन दिन

महीना संक्षेप में

सूर्य पाँचवें भाव में: आनंद का महीना। परंपरा इसे प्रेम, संतान, रचनात्मकता और विश्राम से जोड़ती है।

परंपरा के अनुसार अवधि का स्वर हल्का है: सामंजस्यपूर्ण पहलू (6) तनावपूर्ण पहलुओं (3) से साफ़ तौर पर ज़्यादा हैं। काम आगे बढ़ाने और जो चाहिए वह माँगने का अच्छा समय।

सोम, 9 नवंबर, 12:33 बजे — अमावस्या — वृश्चिक में, पाँचवाँ भाव। पाँचवें भाव में अमावस्या परंपरा के अनुसार प्रेम के लिए सबसे अच्छी अमावस्याओं में से एक है: नई जान-पहचान, पहली मुलाक़ातें, नया शौक़, रचनात्मक परियोजना, संतान से जुड़ी योजनाएँ।

शुक्र, 13 नवंबर, 21:27 बजे — बुध ठहरकर फिर मार्गी होता है (वृश्चिक में, पाँचवाँ भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — प्रेम, संतान, रचनात्मकता — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।

शनि, 14 नवंबर, 5:59 बजे — शुक्र ठहरकर फिर मार्गी होता है (तुला में, चौथा भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — घर और परिवार — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।

रवि, 22 नवंबर, 12:54 बजे — सूर्य राशि बदलता है: अब धनु में, छठा भाव। सूर्य छठे भाव में: काम का महीना। परंपरा के अनुसार — ज़िम्मेदारियाँ, कामकाज में व्यवस्था और सेहत पर ध्यान।

मंगल, 24 नवंबर, 20:24 बजे — पूर्णिमा — मिथुन में, बारहवाँ भाव। बारहवें भाव में पूर्णिमा परंपरा के अनुसार महीने के सबसे थकाने वाले दिनों में से एक है: छिपी बातें सामने आती हैं और शांति की चाह होती है। पूरा करने, आराम करने और कुछ अहम शुरू न करने का समय।

गुरु, 26 नवंबर, 5:08 बजे — मंगल राशि बदलता है: अब कन्या में, तीसरा भाव। मंगल तीसरे भाव में: तीखी बातचीत, बहसें, यात्राओं में भागदौड़; परंपरा गाड़ी चलाते समय ज़्यादा सावधान रहने की सलाह देती है।

समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ, पहलू और ग्रहण — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव राशि से गिने जाते हैं: राशि स्वयं पहला भाव है, अगली दूसरा, और इसी तरह आगे। अच्छे और कठिन दिन परंपरा के नियमों से चुने गए हैं: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, दिन के पहलू, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।

प्रेम और रिश्ते

शुक्र — तुला में, चौथा भाव वक्री

चौथे भाव में शुक्र: प्रेम का मतलब घर है। परंपरा के अनुसार साथी को परिवार से मिलवाने, साझा घर सजाने और शामें साथ बिताने का अच्छा समय।

शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।

मंगल — सिंह में, दूसरा भाव; 26 नवंबर से — कन्या में, तीसरा भाव

26 नवंबर तक। दूसरे भाव में मंगल: जोड़े के झगड़े ज़्यादातर पैसे और ख़र्चों को लेकर होते हैं। परंपरा के अनुसार बजट पर पहले से सहमति बना लेना बेहतर है।

26 नवंबर से। तीसरे भाव में मंगल: तीखे शब्द — नोकझोंक और कड़वे संदेश। परंपरा के अनुसार रिश्ते की उलझनें लिखकर न सुलझाएँ।

9 नवंबर को अमावस्या — आपका पाँचवाँ भाव: प्रेम, संतान, रचनात्मकता।

अवधि के पहलू: 4 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण); 10 नव॰ — शुक्र ⚹ मंगल (सामंजस्यपूर्ण); 28 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण)।

अच्छे दिन

  • मंगल, 10 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव; शुक्र ⚹ मंगल
  • रवि, 15 नवंबर — चंद्रमा — सातवाँ भाव
  • मंगल, 24 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव
  • शनि, 28 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति

काम और करियर

मंगल — सिंह में, दूसरा भाव; 26 नवंबर से — कन्या में, तीसरा भाव

26 नवंबर तक। दूसरे भाव में मंगल: ऊर्जा कमाई में जाती है — अतिरिक्त काम, सौदे, बिक्री। परंपरा के अनुसार ख़र्च भी बढ़ते हैं, इसलिए हिसाब रखें।

26 नवंबर से। तीसरे भाव में मंगल: बहुत सी बातचीत, यात्राएँ और कॉल; परंपरा के अनुसार तीखे ईमेल और छोटे-मोटे विवादों का जोखिम ज़्यादा।

शनि — मेष में, दसवाँ भाव वक्री

दसवें भाव में शनि परंपरा के अनुसार 29 साल के चक्र का शिखर है: आपका बनाया हुआ नतीजे और प्रतिष्ठा लाता है, और ग़लतियाँ भी दिखने लगती हैं। अपना सर्वश्रेष्ठ देने का समय।

बुध — वृश्चिक में, पाँचवाँ भाव वक्री

बुध पाँचवें भाव में: हल्की-फुल्की बातचीत, फ़्लर्ट, खेल, रचनात्मक विचार।

बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।

छठा भाव (काम और स्वास्थ्य): सूर्य।

दसवाँ भाव (करियर और प्रतिष्ठा): शनि।

अवधि के पहलू: 18 नव॰ — सूर्य □ बृहस्पति (तनावपूर्ण); 19 नव॰ — सूर्य □ मंगल (तनावपूर्ण); 24 नव॰ — सूर्य △ नेपच्यून (सामंजस्यपूर्ण); 25 नव॰ — सूर्य ⚹ प्लूटो (सामंजस्यपूर्ण); 26 नव॰ — सूर्य ☍ यूरेनस (तनावपूर्ण); 30 नव॰ — सूर्य △ शनि (सामंजस्यपूर्ण)।

अच्छे दिन

  • मंगल, 24 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव; सूर्य △ नेपच्यून
  • शुक्र, 27 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
  • शनि, 28 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति
  • सोम, 30 नवंबर — सूर्य △ शनि

धन

बृहस्पति — सिंह में, दूसरा भाव

दूसरे भाव में बृहस्पति परंपरा के अनुसार धन के लिए उसकी सबसे अच्छी स्थिति है: आय बढ़ती है, ख़रीदारी और निवेश सफल होते हैं। पर भूख भी बढ़ती है — कुछ बचाकर रखें।

शुक्र — तुला में, चौथा भाव वक्री

चौथे भाव में शुक्र: पैसा घर में जाता है — फ़र्नीचर, सजावट, आराम। परंपरा के अनुसार घर के लिए ख़रीदारी और परिवार के वित्तीय फ़ैसले सफल रहते हैं।

दूसरा भाव (धन और संपत्ति): मंगल, बृहस्पति।

अच्छे दिन

  • मंगल, 24 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव
  • शनि, 28 नवंबर — शुक्र ⚹ बृहस्पति
  • रवि, 29 नवंबर — चंद्रमा — दूसरा भाव
  • सोम, 30 नवंबर — चंद्रमा — दूसरा भाव

सेहत और ऊर्जा

26 नवंबर तक। दूसरे भाव में मंगल: गले और गर्दन में तनाव। परंपरा के अनुसार खान-पान पर ध्यान दें — तनाव को खाने से दबाना आसान है।

26 नवंबर से। तीसरे भाव में मंगल: परंपरा के अनुसार सड़क पर और गाड़ी चलाते समय ज़्यादा सावधान रहें; बाँहों और कंधों का ध्यान रखें और नसों पर ज़्यादा बोझ न डालें।

दसवें भाव में शनि: परंपरा के अनुसार काम की ज़िम्मेदारी के साथ घुटनों, हड्डियों और जोड़ों पर बोझ बढ़ता है।

24 नवंबर को पूर्णिमा — आपका बारहवाँ भाव: विश्राम और एकांत।

जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवें या बारहवें भाव में होता है, तो परंपरा के अनुसार वह ताक़त खींचता है — इन दिनों आराम करें; पहले भाव में और पाँचवें व नौवें में (आपकी राशि से त्रिकोण) ऊर्जा सबसे ज़्यादा होती है।

अच्छे दिन

  • मंगल, 24 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव; सूर्य △ नेपच्यून
  • शुक्र, 27 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
  • शनि, 28 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
  • सोम, 30 नवंबर — सूर्य △ शनि

कठिन दिन

  • गुरु, 5 नवंबर
  • शुक्र, 13 नवंबर — बुध: मार्गी होता है
  • बुध, 18 नवंबर — सूर्य □ बृहस्पति
  • गुरु, 26 नवंबर — चंद्रमा — बारहवाँ भाव; सूर्य ☍ यूरेनस

ये सेहत के बारे में ज्योतिषीय सुझाव हैं, चिकित्सा सलाह नहीं: तबीयत ठीक न लगे तो डॉक्टर से मिलें।

महीने के पहलू

तारीख़पहलूभाव
4 नव॰शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण4 · 2
4 नव॰सूर्य ☌ बुध · युति5 · 5
10 नव॰शुक्र ⚹ मंगल · षडांश सामंजस्यपूर्ण4 · 2
16 नव॰मंगल ☌ बृहस्पति · युति2 · 2
18 नव॰सूर्य □ बृहस्पति · केंद्र तनावपूर्ण5 · 2
19 नव॰सूर्य □ मंगल · केंद्र तनावपूर्ण5 · 2
24 नव॰सूर्य △ नेपच्यून · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण6 · 10
25 नव॰सूर्य ⚹ प्लूटो · षडांश सामंजस्यपूर्ण6 · 8
26 नव॰सूर्य ☍ यूरेनस · प्रतियुति तनावपूर्ण6 · 12
28 नव॰शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण4 · 2
30 नव॰सूर्य △ शनि · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण6 · 10

भाव — आपकी राशि से गिने गए उन भावों की संख्या, जिनमें ग्रह स्थित हैं। सामंजस्यपूर्ण पहलू षडांश और त्रिकोण हैं (और शुक्र या बृहस्पति से युति); तनावपूर्ण — केंद्र और प्रतियुति (और मंगल या शनि से युति)।

दिन-ब-दिन

दिनचंद्रमा का भावघटनाएँआकलन
रवि, 1 नव॰1 → 2 · धन और संपत्तिसंतुलित
सोम, 2 नव॰2 · धन और संपत्तिसंतुलित
मंगल, 3 नव॰2 → 3 · संवाद और यात्राएँसंतुलित
बुध, 4 नव॰3 · संवाद और यात्राएँशुक्र ⚹ बृहस्पति; सूर्य ☌ बुधसंतुलित
गुरु, 5 नव॰3 → 4 · घर और परिवारकठिन
शुक्र, 6 नव॰4 · घर और परिवारसंतुलित
शनि, 7 नव॰4 · घर और परिवारसंतुलित
रवि, 8 नव॰4 → 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकतासंतुलित
सोम, 9 नव॰5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकताअमावस्यासंतुलित
मंगल, 10 नव॰5 → 6 · काम और स्वास्थ्यशुक्र ⚹ मंगलअच्छा
बुध, 11 नव॰6 · काम और स्वास्थ्यसंतुलित
गुरु, 12 नव॰6 · काम और स्वास्थ्यसंतुलित
शुक्र, 13 नव॰6 → 7 · साझेदार और अनुबंधबुध: मार्गी होता हैकठिन
शनि, 14 नव॰7 · साझेदार और अनुबंधशुक्र: मार्गी होता हैसंतुलित
रवि, 15 नव॰7 → 8 · साझा धन और बदलावअच्छा
सोम, 16 नव॰8 · साझा धन और बदलावमंगल ☌ बृहस्पतिसंतुलित
मंगल, 17 नव॰8 · साझा धन और बदलावसंतुलित
बुध, 18 नव॰8 → 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाईसूर्य □ बृहस्पतिकठिन
गुरु, 19 नव॰9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाईसूर्य □ मंगलसंतुलित
शुक्र, 20 नव॰9 → 10 · करियर और प्रतिष्ठाअच्छा
शनि, 21 नव॰10 · करियर और प्रतिष्ठाअच्छा
रवि, 22 नव॰10 → 11 · मित्र और योजनाएँसूर्य → धनुअच्छा
सोम, 23 नव॰11 · मित्र और योजनाएँअच्छा
मंगल, 24 नव॰11 → 12 · विश्राम और एकांतसूर्य △ नेपच्यून; पूर्णिमाअच्छा
बुध, 25 नव॰12 · विश्राम और एकांतसूर्य ⚹ प्लूटोअच्छा
गुरु, 26 नव॰12 → 1 · व्यक्तित्व और सेहतसूर्य ☍ यूरेनस; मंगल → कन्याकठिन
शुक्र, 27 नव॰1 · व्यक्तित्व और सेहतअच्छा
शनि, 28 नव॰1 → 2 · धन और संपत्तिशुक्र ⚹ बृहस्पतिअच्छा
रवि, 29 नव॰2 · धन और संपत्तिअच्छा
सोम, 30 नव॰2 → 3 · संवाद और यात्राएँसूर्य △ शनिअच्छा

दिन का आकलन परंपरा के नियमों के अनुसार अंकों का योग है: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ और वक्री गति, पहलू, ठहराव, उस दिन की अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।

यह राशिफल कैसे बनाया गया है

मासिक राशिफल महीने की पहली से आख़िरी तारीख़ तक आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है: सूर्य और ग्रहों का नई राशियों में जाना, बुध, शुक्र, मंगल और बाहरी ग्रहों का वक्री-मार्गी होना, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और महीने की सभी सटीक दृष्टियाँ। स्थितियाँ JPL DE421 एफ़ेमेरिस से ली गई हैं।

घटनाओं को सौर भावों के नियम से आपकी राशि की भाषा में ढाला जाता है: कर्क — पहला भाव, अगली राशि — दूसरा, और इसी तरह आगे। जीवन के क्षेत्रों का विश्लेषण अलग-अलग है: प्रेम — शुक्र और मंगल से, काम — मंगल, शनि और बुध से, धन — बृहस्पति और शुक्र से, ऊर्जा — मंगल, शनि और चंद्रमा से।

हर क्षेत्र के शुभ दिन — सबसे ज़्यादा अंकों वाले दिन: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, उनका वक्री होना, सटीक दृष्टियाँ, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण। “दिनवार” तालिका में महीने के हर दिन का आकलन और वे घटनाएँ दिखती हैं जिनसे वह बना।

कर्क का स्वामी ग्रह

राशि का स्वामी ग्रह — चंद्रमा। परंपरा के अनुसार कर्क के लिए इसकी स्थिति और पहलू अन्य राशियों की तुलना में अधिक मायने रखते हैं: स्वामी ग्रह के शुभ पहलू पूरी अवधि को मज़बूत करते हैं, तनावपूर्ण पहलू उसे कठिन बनाते हैं।

कर्क राशिफल — अन्य अवधियों के लिए

यह पाठ सभी कर्क राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — कर्क पेज पर।

दूसरी राशियों का मासिक राशिफल