calcumancy.comसटीक भविष्यवाणी की स्मार्ट साइट
खंड
ज्योतिष
276
हर हफ़्ते

मकर साप्ताहिक राशिफल

मकर (22 दिसंबर — 19 जनवरी) का इस हफ़्ते का राशिफल — सोमवार से रविवार तक। यह आकाश की वास्तविक घटनाओं — ग्रहों के राशि परिवर्तन, अमावस्या और पूर्णिमा, सटीक दृष्टियों — से बना है और दिखाता है कि इनका ठीक आपकी राशि के लिए क्या अर्थ है।

मकर · साप्ताहिक राशिफल
11सूर्य का भाव
4, 8अच्छे दिन
—कठिन दिन

सप्ताह संक्षेप में

सूर्य ग्यारहवें भाव में: मित्रों का महीना — मंडलियाँ, साझा परियोजनाएँ और भविष्य की योजनाएँ।

इस सप्ताह चंद्रमा आपके इन भावों से गुज़रता है: आठवाँ भाव (साझा धन और बदलाव) → नौवाँ भाव (लंबी यात्राएँ और पढ़ाई) → दसवाँ भाव (करियर और प्रतिष्ठा) → ग्यारहवाँ भाव (मित्र और योजनाएँ) — दिनों के विषय इसी क्रम में बदलते हैं। परंपरा के अनुसार सबसे आसान दिन वे हैं जब वह आपकी राशि में और पाँचवें, नौवें व ग्यारहवें भाव में हो, सबसे भारी — आठवें और बारहवें में।

अवधि का स्वर संतुलित है: 1 सामंजस्यपूर्ण और 0 तनावपूर्ण पहलू। अच्छे और कठिन दिन बारी-बारी से आते हैं — दिन-ब-दिन ब्योरा देखें।

बुध, 4 नवंबर, 16:02 बजे — शुक्र ⚹ बृहस्पति — षडांश। परंपरा के अनुसार यह अवधि के सबसे शुभ क्षणों में से एक है: शुभ ग्रह मदद करते हैं — मुलाक़ातों, अनुरोधों, ख़रीदारी और हर उस काम के लिए अच्छा, जिसे आप अच्छे शगुन के साथ शुरू करना चाहते हैं। आपके लिए यह दो भावों को जोड़ता है: दसवाँ भाव (करियर और प्रतिष्ठा) और आठवाँ भाव (साझा धन और बदलाव)।

बुध, 4 नवंबर, 19:55 बजे — सूर्य ☌ बुध — युति। सूर्य और बुध की युति: परंपरा के अनुसार विचार और लक्ष्य एक सीध में आते हैं — फ़ैसला लेने और उसे खुलकर कहने का अच्छा समय। आपके लिए दोनों ग्रह एक ही भाव में हैं — ग्यारहवाँ भाव: मित्र और योजनाएँ।

समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ, पहलू और ग्रहण — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव राशि से गिने जाते हैं: राशि स्वयं पहला भाव है, अगली दूसरा, और इसी तरह आगे। अच्छे और कठिन दिन परंपरा के नियमों से चुने गए हैं: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, दिन के पहलू, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।

प्रेम और रिश्ते

शुक्र — तुला में, दसवाँ भाव वक्री

दसवें भाव में शुक्र: सबकी नज़रों के सामने रोमांस या उम्र और पद में बड़े व्यक्ति से संबंध। परंपरा के अनुसार रिश्ता आपकी प्रतिष्ठा पर असर डालता है — गरिमा से पेश आएँ।

शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।

मंगल — सिंह में, आठवाँ भाव

आठवें भाव में मंगल: तीव्र जुनून और नियंत्रण की खींचतान। परंपरा के अनुसार दबाव न डालना और ईर्ष्या न करना ज़रूरी है; अंतरंगता सामने आती है।

अवधि के पहलू: 4 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण)।

अच्छे दिन

इस अवधि में परंपरा कोई ख़ास अच्छे दिन नहीं बताती — दिन संतुलित हैं।

काम और करियर

मंगल — सिंह में, आठवाँ भाव

आठवें भाव में मंगल: संसाधनों, क़र्ज़ों, कंपनी के साझा धन के लिए संघर्ष। परंपरा के अनुसार संकट प्रबंधन और पुनर्गठन के लिए अच्छा, दूसरों के पैसे से जोखिम के लिए बुरा।

शनि — मेष में, चौथा भाव वक्री

चौथे भाव में शनि: करियर घरेलू ज़िम्मेदारियों के पीछे चला जाता है। परंपरा के अनुसार यह नींव डालने का दौर है — घर में भी और काम में भी।

बुध — वृश्चिक में, ग्यारहवाँ भाव वक्री

बुध ग्यारहवें भाव में: दोस्तों से और समुदायों में संवाद, विचारों का आदान-प्रदान।

बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।

दसवाँ भाव (करियर और प्रतिष्ठा): शुक्र।

अच्छे दिन

  • बुध, 4 नवंबर — चंद्रमा — नौवाँ भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति
  • शुक्र, 6 नवंबर — चंद्रमा — दसवाँ भाव

धन

बृहस्पति — सिंह में, आठवाँ भाव

आठवें भाव में बृहस्पति: परंपरा के अनुसार दूसरों के पैसे में भाग्य — अच्छी शर्तों पर क़र्ज़, विरासत, साथी की आय, बीमा भुगतान।

शुक्र — तुला में, दसवाँ भाव वक्री

दसवें भाव में शुक्र: वरिष्ठों की कृपा — वेतन वृद्धि या बोनस माँगने का अच्छा समय, ख़ासकर सौंदर्य, कला या लोगों से जुड़े काम में।

आठवाँ भाव (साझा धन और बदलाव): मंगल, बृहस्पति।

ग्यारहवाँ भाव (मित्र और योजनाएँ): सूर्य, बुध।

अच्छे दिन

  • बुध, 4 नवंबर — शुक्र ⚹ बृहस्पति
  • रवि, 8 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव

सेहत और ऊर्जा

आठवें भाव में मंगल परंपरा के अनुसार कठिन स्थिति है: जोखिम भरे कामों, नियोजित ऑपरेशनों और ठंड लगने से सावधान रहें; ताक़त धीरे लौटती है।

चौथे भाव में शनि: परंपरा के अनुसार पेट का ध्यान रखें और घर को नम और ठंडा न होने दें।

जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवें या बारहवें भाव में होता है, तो परंपरा के अनुसार वह ताक़त खींचता है — इन दिनों आराम करें; पहले भाव में और पाँचवें व नौवें में (आपकी राशि से त्रिकोण) ऊर्जा सबसे ज़्यादा होती है।

अच्छे दिन

  • बुध, 4 नवंबर — चंद्रमा — नौवाँ भाव
  • रवि, 8 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव

कठिन दिन

इस अवधि में कठिन दिन नहीं हैं।

ये सेहत के बारे में ज्योतिषीय सुझाव हैं, चिकित्सा सलाह नहीं: तबीयत ठीक न लगे तो डॉक्टर से मिलें।

दिन-ब-दिन

दिनचंद्रमा का भावघटनाएँआकलन
सोम, 2 नव॰8 · साझा धन और बदलावसंतुलित
मंगल, 3 नव॰8 → 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाईसंतुलित
बुध, 4 नव॰9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाईशुक्र ⚹ बृहस्पति; सूर्य ☌ बुधअच्छा
गुरु, 5 नव॰9 → 10 · करियर और प्रतिष्ठाअच्छा
शुक्र, 6 नव॰10 · करियर और प्रतिष्ठाअच्छा
शनि, 7 नव॰10 · करियर और प्रतिष्ठाअच्छा
रवि, 8 नव॰10 → 11 · मित्र और योजनाएँअच्छा

दिन का आकलन परंपरा के नियमों के अनुसार अंकों का योग है: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ और वक्री गति, पहलू, ठहराव, उस दिन की अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।

यह राशिफल कैसे बनाया गया है

साप्ताहिक राशिफल सोमवार से रविवार तक आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है: ग्रहों का नई राशियों में जाना, वक्री-मार्गी होना (स्तंभन), अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और ग्रहों के बीच सटीक दृष्टियाँ। स्थितियाँ JPL DE421 एफ़ेमेरिस से ली गई हैं, हर घटना का समय मिनट तक पता है।

हर घटना को सौर भावों के नियम से आपकी राशि की भाषा में बदला जाता है: मकर — पहला भाव, अगली राशि — दूसरा, और इसी तरह आगे। इसलिए एक ही पूर्णिमा मकर के लिए एक भाव में पड़ती है, और पड़ोसी राशि के लिए — दूसरे में, और उनकी व्याख्या अलग होती है।

शुभ और कठिन दिन यूँ ही नहीं चुने गए। हर दिन के लिए चार क्षेत्रों — प्रेम, काम, धन, ऊर्जा — के अंक गिने जाते हैं: चंद्रमा किस भाव में है, शुक्र और बृहस्पति कहाँ हैं (अपने भाव के क्षेत्र में मदद करते हैं) और मंगल व शनि कहाँ हैं (बाधा डालते हैं, तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव को छोड़कर), कौन-सा ग्रह वक्री है, उस दिन कौन-सी दृष्टियाँ सटीक हैं और क्या उस दिन अमावस्या, पूर्णिमा या ग्रहण पड़ता है। हर शुभ दिन के साथ लिखा है कि वह शुभ क्यों है।

मकर का स्वामी

राशि का स्वामी — शनि। परंपरा के अनुसार मकर के लिए उसकी स्थिति और दृष्टियाँ दूसरी राशियों से ज़्यादा मायने रखती हैं: स्वामी की शुभ दृष्टियाँ पूरी अवधि को मज़बूत करती हैं, तनावपूर्ण — उसे कठिन बनाती हैं।

मकर राशिफल — दूसरी अवधियों के लिए

यह पाठ सभी मकर राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — मकर पेज पर।

दूसरी राशियों का साप्ताहिक राशिफल