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हर महीने

तुला मासिक राशिफल

तुला (23 सितंबर — 22 अक्टूबर) के लिए चालू महीने का राशिफल। यह आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है — ग्रहों के राशि परिवर्तन, वक्री और मार्गी होना, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और पहलू — और महीने का विश्लेषण जीवन के क्षेत्रों और दिनों के अनुसार करता है।

तुला · मासिक राशिफल
2 → 3सूर्य का भाव
10, 28, 30अच्छे दिन
5कठिन दिन

महीना संक्षेप में

सूर्य दूसरे भाव में: धन का महीना। परंपरा के अनुसार केंद्र में कमाई, संपत्ति और वे चीज़ें हैं, जिन पर आप टिके हैं।

परंपरा के अनुसार अवधि का स्वर हल्का है: सामंजस्यपूर्ण पहलू (6) तनावपूर्ण पहलुओं (3) से साफ़ तौर पर ज़्यादा हैं। काम आगे बढ़ाने और जो चाहिए वह माँगने का अच्छा समय।

सोम, 9 नवंबर, 12:33 बजे — अमावस्या — वृश्चिक में, दूसरा भाव। दूसरे भाव में अमावस्या धन का नया चक्र खोलती है। परंपरा के अनुसार बजट बनाने, आय का नया स्रोत खोजने, सोच-समझकर ख़रीदारी करने और बचत शुरू करने का समय।

शुक्र, 13 नवंबर, 21:27 बजे — बुध ठहरकर फिर मार्गी होता है (वृश्चिक में, दूसरा भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — धन और संपत्ति — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।

शनि, 14 नवंबर, 5:59 बजे — शुक्र ठहरकर फिर मार्गी होता है (तुला में, पहला भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — व्यक्तित्व और सेहत — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।

रवि, 22 नवंबर, 12:54 बजे — सूर्य राशि बदलता है: अब धनु में, तीसरा भाव। सूर्य तीसरे भाव में: संवाद का महीना — पत्राचार, बातचीत, छोटी यात्राएँ, पढ़ाई।

मंगल, 24 नवंबर, 20:24 बजे — पूर्णिमा — मिथुन में, नौवाँ भाव। नौवें भाव में पूर्णिमा पढ़ाई, यात्रा और क़ानूनी मामलों में नतीजे लाती है: परीक्षा परिणाम और फ़ैसले आते हैं। परंपरा के अनुसार शुरू करने से ज़्यादा पूरा करने का अच्छा समय।

गुरु, 26 नवंबर, 5:08 बजे — मंगल राशि बदलता है: अब कन्या में, बारहवाँ भाव। मंगल बारहवें भाव में: छिपी थकान और पर्दे के पीछे के टकराव; परंपरा बेवजह मुसीबत मोल न लेने की सलाह देती है।

समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ, पहलू और ग्रहण — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव राशि से गिने जाते हैं: राशि स्वयं पहला भाव है, अगली दूसरा, और इसी तरह आगे। अच्छे और कठिन दिन परंपरा के नियमों से चुने गए हैं: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, दिन के पहलू, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।

प्रेम और रिश्ते

शुक्र — तुला में, पहला भाव वक्री

आपकी राशि में शुक्र परंपरा के अनुसार प्रेम के लिए साल का सबसे अच्छा समय है: आप आकर्षक हैं और ध्यान अपने आप मिलता है। जान-पहचान बढ़ाने और अलमारी व छवि को नया रूप देने के लिए अच्छा।

शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।

मंगल — सिंह में, ग्यारहवाँ भाव; 26 नवंबर से — कन्या में, बारहवाँ भाव

26 नवंबर तक। ग्यारहवें भाव में मंगल: सक्रिय सामाजिक जीवन, पर दोस्तों से बहस भी। परंपरा के अनुसार कोई दोस्त प्रतिद्वंद्वी बन सकता है — या प्रेमी।

26 नवंबर से। बारहवें भाव में मंगल: छिपी चिड़चिड़ाहट और गुप्त आकर्षण। परंपरा के अनुसार अनकही बातें जमा होती हैं — सीधे पर नरमी से बोलना बेहतर है।

अवधि के पहलू: 4 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण); 10 नव॰ — शुक्र ⚹ मंगल (सामंजस्यपूर्ण); 28 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण)।

अच्छे दिन

  • सोम, 16 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव
  • मंगल, 17 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव
  • शुक्र, 20 नवंबर — चंद्रमा — सातवाँ भाव
  • सोम, 30 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव; सूर्य △ शनि

काम और करियर

मंगल — सिंह में, ग्यारहवाँ भाव; 26 नवंबर से — कन्या में, बारहवाँ भाव

26 नवंबर तक। ग्यारहवें भाव में मंगल: टीम परियोजनाएँ, पेशेवर समुदायों में सक्रियता। परंपरा के अनुसार साझा लक्ष्य आगे बढ़ते हैं, पर टीम में बहस अनिवार्य है।

26 नवंबर से। बारहवें भाव में मंगल: पर्दे के पीछे का काम, छिपे प्रतिद्वंद्वी, छिपी थकान। परंपरा के अनुसार खुली लड़ाई का समय नहीं — चुपचाप अपना काम करें।

शनि — मेष में, सातवाँ भाव वक्री

सातवें भाव में शनि: साझेदारी और अनुबंधों की मज़बूती की परीक्षा होती है। परंपरा के अनुसार भरोसेमंद लोगों के साथ काम करें और सब कुछ लिखित में रखें।

बुध — वृश्चिक में, दूसरा भाव वक्री

बुध दूसरे भाव में: कारोबारी बातचीत के केंद्र में — पैसा, क़ीमतें, सौदे और हिसाब-किताब।

बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।

अवधि के पहलू: 18 नव॰ — सूर्य □ बृहस्पति (तनावपूर्ण); 19 नव॰ — सूर्य □ मंगल (तनावपूर्ण); 24 नव॰ — सूर्य △ नेपच्यून (सामंजस्यपूर्ण); 25 नव॰ — सूर्य ⚹ प्लूटो (सामंजस्यपूर्ण); 26 नव॰ — सूर्य ☍ यूरेनस (तनावपूर्ण); 30 नव॰ — सूर्य △ शनि (सामंजस्यपूर्ण)।

अच्छे दिन

  • बुध, 25 नवंबर — चंद्रमा — नौवाँ भाव; सूर्य ⚹ प्लूटो
  • शुक्र, 27 नवंबर — चंद्रमा — दसवाँ भाव
  • शनि, 28 नवंबर — चंद्रमा — दसवाँ भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति
  • सोम, 30 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव; सूर्य △ शनि

धन

बृहस्पति — सिंह में, ग्यारहवाँ भाव

ग्यारहवें भाव में बृहस्पति परंपरा के अनुसार लाभ के भाव में है: परियोजनाओं से आय, बोनस, संरक्षकों और दोस्तों की मदद; वित्तीय योजनाएँ पूरी होती हैं।

शुक्र — तुला में, पहला भाव वक्री

आपकी राशि में शुक्र: अपने ऊपर ख़र्च — कपड़े, सौंदर्य, आनंद। परंपरा के अनुसार आकर्षण पैसे में भी मदद करता है: माँगने और मोलभाव करने का अच्छा समय।

दूसरा भाव (धन और संपत्ति): सूर्य, बुध।

ग्यारहवाँ भाव (मित्र और योजनाएँ): मंगल, बृहस्पति।

9 नवंबर को अमावस्या — आपका दूसरा भाव: धन और संपत्ति।

अच्छे दिन

  • रवि, 8 नवंबर — चंद्रमा — दूसरा भाव
  • सोम, 9 नवंबर — चंद्रमा — दूसरा भाव
  • मंगल, 10 नवंबर — चंद्रमा — दूसरा भाव; शुक्र ⚹ मंगल
  • शनि, 28 नवंबर — चंद्रमा — दसवाँ भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति

सेहत और ऊर्जा

26 नवंबर तक। ग्यारहवें भाव में मंगल: परंपरा के अनुसार पिंडलियों और रक्त संचार का ध्यान रखें; साथ मिलकर खेल अच्छा विचार है।

26 नवंबर से। बारहवें भाव में मंगल परंपरा के अनुसार छिपी थकान है: ऊर्जा चुपचाप निकल जाती है, अनिद्रा और बिना साफ़ कारण की अस्वस्थता संभव। ज़्यादा नींद, कम बोझ।

सातवें भाव में शनि: परंपरा के अनुसार कमर के निचले हिस्से और गुर्दों का ध्यान रखें; रिश्तों का तनाव सेहत पर असर डालता है।

जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवें या बारहवें भाव में होता है, तो परंपरा के अनुसार वह ताक़त खींचता है — इन दिनों आराम करें; पहले भाव में और पाँचवें व नौवें में (आपकी राशि से त्रिकोण) ऊर्जा सबसे ज़्यादा होती है।

अच्छे दिन

  • शुक्र, 6 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
  • मंगल, 10 नवंबर — शुक्र ⚹ मंगल
  • बुध, 25 नवंबर — चंद्रमा — नौवाँ भाव; सूर्य ⚹ प्लूटो
  • सोम, 30 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव; सूर्य △ शनि

कठिन दिन

  • गुरु, 5 नवंबर — चंद्रमा — बारहवाँ भाव

ये सेहत के बारे में ज्योतिषीय सुझाव हैं, चिकित्सा सलाह नहीं: तबीयत ठीक न लगे तो डॉक्टर से मिलें।

महीने के पहलू

तारीख़पहलूभाव
4 नव॰शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण1 · 11
4 नव॰सूर्य ☌ बुध · युति2 · 2
10 नव॰शुक्र ⚹ मंगल · षडांश सामंजस्यपूर्ण1 · 11
16 नव॰मंगल ☌ बृहस्पति · युति11 · 11
18 नव॰सूर्य □ बृहस्पति · केंद्र तनावपूर्ण2 · 11
19 नव॰सूर्य □ मंगल · केंद्र तनावपूर्ण2 · 11
24 नव॰सूर्य △ नेपच्यून · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण3 · 7
25 नव॰सूर्य ⚹ प्लूटो · षडांश सामंजस्यपूर्ण3 · 5
26 नव॰सूर्य ☍ यूरेनस · प्रतियुति तनावपूर्ण3 · 9
28 नव॰शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण1 · 11
30 नव॰सूर्य △ शनि · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण3 · 7

भाव — आपकी राशि से गिने गए उन भावों की संख्या, जिनमें ग्रह स्थित हैं। सामंजस्यपूर्ण पहलू षडांश और त्रिकोण हैं (और शुक्र या बृहस्पति से युति); तनावपूर्ण — केंद्र और प्रतियुति (और मंगल या शनि से युति)।

दिन-ब-दिन

दिनचंद्रमा का भावघटनाएँआकलन
रवि, 1 नव॰10 → 11 · मित्र और योजनाएँअच्छा
सोम, 2 नव॰11 · मित्र और योजनाएँअच्छा
मंगल, 3 नव॰11 → 12 · विश्राम और एकांतअच्छा
बुध, 4 नव॰12 · विश्राम और एकांतशुक्र ⚹ बृहस्पति; सूर्य ☌ बुधअच्छा
गुरु, 5 नव॰12 → 1 · व्यक्तित्व और सेहतकठिन
शुक्र, 6 नव॰1 · व्यक्तित्व और सेहतअच्छा
शनि, 7 नव॰1 · व्यक्तित्व और सेहतअच्छा
रवि, 8 नव॰1 → 2 · धन और संपत्तिअच्छा
सोम, 9 नव॰2 · धन और संपत्तिअमावस्याअच्छा
मंगल, 10 नव॰2 → 3 · संवाद और यात्राएँशुक्र ⚹ मंगलअच्छा
बुध, 11 नव॰3 · संवाद और यात्राएँअच्छा
गुरु, 12 नव॰3 · संवाद और यात्राएँअच्छा
शुक्र, 13 नव॰3 → 4 · घर और परिवारबुध: मार्गी होता हैसंतुलित
शनि, 14 नव॰4 · घर और परिवारशुक्र: मार्गी होता हैअच्छा
रवि, 15 नव॰4 → 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकताअच्छा
सोम, 16 नव॰5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकतामंगल ☌ बृहस्पतिअच्छा
मंगल, 17 नव॰5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकताअच्छा
बुध, 18 नव॰5 → 6 · काम और स्वास्थ्यसूर्य □ बृहस्पतिअच्छा
गुरु, 19 नव॰6 · काम और स्वास्थ्यसूर्य □ मंगलअच्छा
शुक्र, 20 नव॰6 → 7 · साझेदार और अनुबंधअच्छा
शनि, 21 नव॰7 · साझेदार और अनुबंधअच्छा
रवि, 22 नव॰7 → 8 · साझा धन और बदलावसूर्य → धनुअच्छा
सोम, 23 नव॰8 · साझा धन और बदलावअच्छा
मंगल, 24 नव॰8 → 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाईसूर्य △ नेपच्यून; पूर्णिमाअच्छा
बुध, 25 नव॰9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाईसूर्य ⚹ प्लूटोअच्छा
गुरु, 26 नव॰9 → 10 · करियर और प्रतिष्ठासूर्य ☍ यूरेनस; मंगल → कन्याअच्छा
शुक्र, 27 नव॰10 · करियर और प्रतिष्ठाअच्छा
शनि, 28 नव॰10 → 11 · मित्र और योजनाएँशुक्र ⚹ बृहस्पतिअच्छा
रवि, 29 नव॰11 · मित्र और योजनाएँअच्छा
सोम, 30 नव॰11 → 12 · विश्राम और एकांतसूर्य △ शनिअच्छा

दिन का आकलन परंपरा के नियमों के अनुसार अंकों का योग है: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ और वक्री गति, पहलू, ठहराव, उस दिन की अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।

यह राशिफल कैसे बनाया गया है

मासिक राशिफल महीने की पहली से आख़िरी तारीख़ तक आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है: सूर्य और ग्रहों का नई राशियों में जाना, बुध, शुक्र, मंगल और बाहरी ग्रहों का वक्री-मार्गी होना, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और महीने की सभी सटीक दृष्टियाँ। स्थितियाँ JPL DE421 एफ़ेमेरिस से ली गई हैं।

घटनाओं को सौर भावों के नियम से आपकी राशि की भाषा में ढाला जाता है: तुला — पहला भाव, अगली राशि — दूसरा, और इसी तरह आगे। जीवन के क्षेत्रों का विश्लेषण अलग-अलग है: प्रेम — शुक्र और मंगल से, काम — मंगल, शनि और बुध से, धन — बृहस्पति और शुक्र से, ऊर्जा — मंगल, शनि और चंद्रमा से।

हर क्षेत्र के शुभ दिन — सबसे ज़्यादा अंकों वाले दिन: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, उनका वक्री होना, सटीक दृष्टियाँ, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण। “दिनवार” तालिका में महीने के हर दिन का आकलन और वे घटनाएँ दिखती हैं जिनसे वह बना।

तुला का स्वामी ग्रह

राशि का स्वामी ग्रह — शुक्र। परंपरा के अनुसार तुला के लिए इसकी स्थिति और पहलू अन्य राशियों की तुलना में अधिक मायने रखते हैं: स्वामी ग्रह के शुभ पहलू पूरी अवधि को मज़बूत करते हैं, तनावपूर्ण पहलू उसे कठिन बनाते हैं।

तुला राशिफल — अन्य अवधियों के लिए

यह पाठ सभी तुला राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — तुला पेज पर।

दूसरी राशियों का मासिक राशिफल