आज का मेष राशिफल
सूर्य राशि मेष (21 मार्च — 19 अप्रैल) के लिए राशिफल, ग्रहों की वास्तविक स्थिति के अनुसार। इसका मुख्य भाग चंद्रमा है: वह हर दो-तीन दिन में नई राशि में जाता है और दिन का विषय तय करता है। बाकी ग्रह धीमे चलते हैं और महीने व साल की पृष्ठभूमि दिखाते हैं।
चंद्रमा
पूरे दिन — तुला में, सातवाँ भाव।
चंद्रमा सातवें भाव में — साझेदारी के भाव में। परंपरा के अनुसार ध्यान दूसरे लोगों पर जाता है: साथी, ग्राहक, वे लोग जिनसे आप कोई समझौता कर रहे हैं। आमने-सामने की बातचीत और मिलकर फ़ैसले लेने के लिए अच्छा समय, उन कामों के लिए कम अच्छा जिन्हें अकेले करना हो।
समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव सूर्य राशि से गिने जाते हैं: वह स्वयं पहला भाव है, अगली राशि दूसरा, और इसी तरह आगे। व्याख्याएँ परंपरा के नियमों के अनुसार हैं; एक ही राशि के सभी लोगों के लिए पाठ एक जैसा है।
बाकी ग्रह
- सूर्य — वृश्चिक में, आठवाँ भाव
सूर्य आठवें भाव में: बदलावों का महीना। परंपरा इसे साझा धन, क़र्ज़ और उन चीज़ों से जोड़ती है, जिन्हें छोड़ देने का समय आ गया है।
- बुध — वृश्चिक में, आठवाँ भाव वक्री
बुध आठवें भाव में: लोन, टैक्स और विरासत के काग़ज़, साझा पैसे पर गंभीर बातचीत।
बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।
- शुक्र — तुला में, सातवाँ भाव वक्री
शुक्र सातवें भाव में: जोड़े में सामंजस्य और सफल समझौते; परंपरा के अनुसार — रिश्ते जोड़ने का समय।
शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।
- मंगल — सिंह में, पाँचवाँ भाव राशि स्वामी
मंगल पाँचवें भाव में: जुनून, जोश, खेल-कूद; परंपरा के अनुसार — जोखिम लेने का झुकाव।
- बृहस्पति — सिंह में, पाँचवाँ भाव
बृहस्पति पाँचवें भाव में: परंपरा के अनुसार सबसे अच्छे वर्षों में से एक — प्रेम, संतान, रचनात्मकता और आनंद के लिए।
- शनि — मेष में, पहला भाव वक्री
शनि आपकी सूर्य राशि में — 29 साल में एक बार, लगातार लगभग ढाई साल। परंपरा के अनुसार यह ज़िम्मेदारी, थकान और परिपक्व होने का समय है: परिणाम धीरे आते हैं, पर लंबे समय तक टिकते हैं।
शनि इस समय वक्री है — साल में लगभग साढ़े चार महीने। परंपरा के अनुसार — अधूरी ज़िम्मेदारियों पर लौटने का समय।
मेष राशि के भाव
राशि के अनुसार राशिफल में आपकी सूर्य राशि को पहला भाव माना जाता है, उसके बाद वाली राशि को दूसरा, और इसी तरह पूरे चक्र में। उदाहरण के लिए, तुला में स्थित ग्रह मेष के लिए सातवें भाव में होता है — साझेदारी के भाव में। मेष राशि के लिए सभी भाव इस प्रकार हैं:
| भाव | राशि | क्षेत्र |
|---|---|---|
| पहला भाव | मेष | व्यक्तित्व और सेहत |
| दूसरा भाव | वृषभ | धन और संपत्ति |
| तीसरा भाव | मिथुन | संवाद और यात्राएँ |
| चौथा भाव | कर्क | घर और परिवार |
| पाँचवाँ भाव | सिंह | प्रेम, संतान, रचनात्मकता |
| छठा भाव | कन्या | काम और स्वास्थ्य |
| सातवाँ भाव | तुला | साझेदार और अनुबंध |
| आठवाँ भाव | वृश्चिक | साझा धन और बदलाव |
| नौवाँ भाव | धनु | लंबी यात्राएँ और पढ़ाई |
| दसवाँ भाव | मकर | करियर और प्रतिष्ठा |
| ग्यारहवाँ भाव | कुंभ | मित्र और योजनाएँ |
| बारहवाँ भाव | मीन | विश्राम और एकांत |
राशि स्वामी
मेष का स्वामी मंगल है। राशिफल में उसे अलग से चिह्नित किया गया है: परंपरा के अनुसार स्वामी की स्थिति बताती है कि राशि इस समय अपने काम कितनी अच्छी तरह सँभाल सकती है। केंद्र भावों — पहले, चौथे, सातवें और दसवें — में परंपरा मंगल को प्रबल मानती है, छठे, आठवें और बारहवें में — कठिन। वक्री मंगल मेष के लिए शुरू किए गए काम पूरे करने का अवसर है, नए शुरू करने का नहीं।
यह राशिफल कैसे पढ़ें
चंद्रमा दिन बताता है: देखिए कि वह किस भाव में है और कहीं राशि तो नहीं बदल रहा। सूर्य महीने का विषय दिखाता है (पहले भाव में — जन्मदिन वाला महीना), बुध, शुक्र और मंगल — कुछ सप्ताहों की पृष्ठभूमि, बृहस्पति और शनि — एक साल या उससे अधिक की।
घटनाओं का समय आपके डिवाइस की घड़ी के अनुसार, समय क्षेत्र को ध्यान में रखकर दिखाया गया है। “बीता कल” और “आने वाला कल” बटन पड़ोसी दिन दिखाते हैं।
यह पाठ सभी मेष राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — मेष पेज पर।