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हर दिन

आज का मिथुन राशिफल

सूर्य राशि मिथुन (21 मई — 20 जून) के लिए राशिफल, ग्रहों की वास्तविक स्थिति के अनुसार। इसका मुख्य भाग चंद्रमा है: वह हर दो-तीन दिन में नई राशि में जाता है और दिन का विषय तय करता है। बाकी ग्रह धीमे चलते हैं और महीने व साल की पृष्ठभूमि दिखाते हैं।

मिथुन · आज का राशिफल
5चंद्रमा का भाव
6सूर्य का भाव
घटता चंद्रमाचंद्र कला

चंद्रमा

पूरे दिन — तुला में, पाँचवाँ भाव।

चंद्रमा पाँचवें भाव में — आनंद, प्रेम और संतान के भाव में। परंपरा के अनुसार यह हल्का-फुल्का दिन है: डेट, खेल, रचनात्मकता, शौक़ और बच्चों के साथ समय के लिए। मनोरंजन की चाह आम दिनों से ज़्यादा होती है — फ़ालतू ख़र्च और जोखिम भरे दाँव की भी।

समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव सूर्य राशि से गिने जाते हैं: वह स्वयं पहला भाव है, अगली राशि दूसरा, और इसी तरह आगे। व्याख्याएँ परंपरा के नियमों के अनुसार हैं; एक ही राशि के सभी लोगों के लिए पाठ एक जैसा है।

बाकी ग्रह

  • सूर्य — वृश्चिक में, छठा भाव

    सूर्य छठे भाव में: काम का महीना। परंपरा के अनुसार — ज़िम्मेदारियाँ, कामकाज में व्यवस्था और सेहत पर ध्यान।

  • बुध — वृश्चिक में, छठा भाव राशि स्वामी वक्री

    बुध छठे भाव में: काम की बारीकियाँ, समय-सारणियाँ, सहकर्मियों से पत्राचार, दस्तावेज़ों में व्यवस्था।

    बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।

  • शुक्र — तुला में, पाँचवाँ भाव वक्री

    शुक्र पाँचवें भाव में — परंपरा के अनुसार उसकी सबसे अच्छी स्थितियों में से एक: प्रेम-प्रसंग, आनंद, रचनात्मकता।

    शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।

  • मंगल — सिंह में, तीसरा भाव

    मंगल तीसरे भाव में: तीखी बातचीत, बहसें, यात्राओं में भागदौड़; परंपरा गाड़ी चलाते समय ज़्यादा सावधान रहने की सलाह देती है।

  • बृहस्पति — सिंह में, तीसरा भाव

    बृहस्पति तीसरे भाव में: पढ़ाई, यात्राओं, आस-पास नई जान-पहचान और सफल वार्ताओं का वर्ष।

  • शनि — मेष में, ग्यारहवाँ भाव वक्री

    शनि ग्यारहवें भाव में: दोस्तों का दायरा भरोसेमंद लोगों तक सिमट जाता है, योजनाएँ ज़्यादा व्यावहारिक बनती हैं।

    शनि इस समय वक्री है — साल में लगभग साढ़े चार महीने। परंपरा के अनुसार — अधूरी ज़िम्मेदारियों पर लौटने का समय।

मिथुन राशि के भाव

राशि के अनुसार राशिफल में आपकी सूर्य राशि को पहला भाव माना जाता है, उसके बाद वाली राशि को दूसरा, और इसी तरह पूरे चक्र में। उदाहरण के लिए, धनु में स्थित ग्रह मिथुन के लिए सातवें भाव में होता है — साझेदारी के भाव में। मिथुन राशि के लिए सभी भाव इस प्रकार हैं:

भावराशिक्षेत्र
पहला भावमिथुनव्यक्तित्व और सेहत
दूसरा भावकर्कधन और संपत्ति
तीसरा भावसिंहसंवाद और यात्राएँ
चौथा भावकन्याघर और परिवार
पाँचवाँ भावतुलाप्रेम, संतान, रचनात्मकता
छठा भाववृश्चिककाम और स्वास्थ्य
सातवाँ भावधनुसाझेदार और अनुबंध
आठवाँ भावमकरसाझा धन और बदलाव
नौवाँ भावकुंभलंबी यात्राएँ और पढ़ाई
दसवाँ भावमीनकरियर और प्रतिष्ठा
ग्यारहवाँ भावमेषमित्र और योजनाएँ
बारहवाँ भाववृषभविश्राम और एकांत

राशि स्वामी

मिथुन का स्वामी बुध है — चंद्रमा के बाद सबसे तेज़ ग्रह। साल में तीन-चार बार वह लगभग तीन सप्ताह के लिए वक्री होता है, और परंपरा मानती है कि मिथुन पर इसका असर ख़ास तौर पर दिखता है: यह दोबारा करने, दोबारा जाँचने और पुराने संपर्कों पर लौटने का समय है।

यह राशिफल कैसे पढ़ें

चंद्रमा दिन बताता है: देखिए कि वह किस भाव में है और कहीं राशि तो नहीं बदल रहा। सूर्य महीने का विषय दिखाता है (पहले भाव में — जन्मदिन वाला महीना), बुध, शुक्र और मंगल — कुछ सप्ताहों की पृष्ठभूमि, बृहस्पति और शनि — एक साल या उससे अधिक की।

घटनाओं का समय आपके डिवाइस की घड़ी के अनुसार, समय क्षेत्र को ध्यान में रखकर दिखाया गया है। “बीता कल” और “आने वाला कल” बटन पड़ोसी दिन दिखाते हैं।

यह पाठ सभी मिथुन राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — मिथुन पेज पर।

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