फ़ेंग शुई
फ़ेंग शुई घर को दिशाओं के अनुसार परखता है: पलंग कहाँ रखें, कौन-सा क्षेत्र पैसे से जुड़ा है, काम की मेज़ पर बैठकर किस ओर देखना बेहतर है। यहाँ चार कार्यशील गणनाएँ हैं — कुआ अंक, फ़्लाइंग स्टार्स, बागुआ ग्रिड और यात्रा की दिशा — साथ ही भारतीय वास्तु का विश्लेषण, जो यही काम दूसरे नियमों से करता है।
कहाँ से शुरू करें
कुआ अंक से शुरू करें: यह जन्म वर्ष और लिंग से एक सेकंड में निकल आता है और तुरंत चार शुभ दिशाएँ दे देता है। पलंग और काम की मेज़ की दिशा बदलने के लिए इतना काफ़ी है — यह सबसे सस्ता बदलाव है जिसका असर दिखता है।
इसके बाद आते हैं फ़्लाइंग स्टार्स। यह व्यक्ति की नहीं, बल्कि घर की गणना है: निर्माण वर्ष और कम्पास से मापी गई मुख की दिशा चाहिए। तारों का चार्ट दिखाता है कि घर के कौन-से क्षेत्र आपके पक्ष में काम करते हैं और किन्हें न छेड़ना बेहतर है। उसके ऊपर कैलकुलेटर चालू वर्ष और महीने के तारे रखता है: उनसे दिखता है कि इस साल कहाँ मरम्मत शुरू नहीं करनी चाहिए।
बागुआ ग्रिड — नक्शे को नौ क्षेत्रों में बाँटने का सरल तरीक़ा है। वास्तु देखना उचित है अगर भारतीय परंपरा आपके ज़्यादा क़रीब है या आप शुरू से घर बना रहे हैं: वहाँ नियम ज़्यादा सख़्त हैं, लेकिन तर्क भी ज़्यादा स्पष्ट है।
यात्रा से पहले यात्रा की दिशा देख लें: कैलकुलेटर वह दिशा निकालता है जिधर आप जा रहे हैं, और उसे वर्ष व महीने के तारों, दिन के शा और प्रस्थान के घंटे के ची मेन चार्ट से जाँचता है।
दो परंपराएँ, जिन्हें मिलाना नहीं चाहिए
फ़ेंग शुई में एक कम्पास परंपरा है और एक “प्रवेश द्वार से” वाली परंपरा, जिसे रूस में अक्सर पश्चिमी या BTB कहा जाता है।
कम्पास परंपरा वास्तविक उत्तर से चलती है: आप कम्पास से मुख की दिशा मापते हैं, और क्षेत्र दिशाओं के अनुसार नक्शे पर आते हैं। प्रवेश द्वार वाली परंपरा कम्पास का उपयोग बिल्कुल नहीं करती: ग्रिड मुख्य दरवाज़े से रखी जाती है, जो हमेशा नक्शे के नीचे आता है।
दोनों सुसंगत, लेकिन अलग-अलग जवाब देती हैं। सबसे आम ग़लती — धन क्षेत्र एक परंपरा से लेना और प्रेम क्षेत्र दूसरी से। एक चुनें और उसी पर टिके रहें।
गणना के लिए क्या चाहिए
| गणना | क्या चाहिए |
|---|---|
| कुआ अंक | जन्म वर्ष और लिंग |
| फ़्लाइंग स्टार्स | घर के निर्माण का वर्ष और डिग्री में मुख की दिशा |
| बागुआ | घर का नक्शा, कम्पास परंपरा के लिए — उत्तर की दिशा |
| वास्तु | वह दिशा जिस ओर प्रवेश द्वार खुलता है |
| यात्रा की दिशा | आप कहाँ से कहाँ जा रहे हैं, प्रस्थान की तिथि और समय |
मुख की दिशा बाहरी दीवार के बीच से कम्पास से मापी जाती है, जिस तरफ़ ज़्यादा खिड़कियाँ और रोशनी हो, और धातु के ढाँचों से कुछ मीटर दूर हटकर: दीवारों में लगा सरिया सुई को दसियों डिग्री तक भटका देता है। फ़ोन का ऐप मोटे अनुमान के लिए ठीक है, लेकिन तारों के चार्ट के लिए 7 डिग्री का अंतर भी परिणाम बदल देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या फ़ेंग शुई काम करता है?
घटनाओं पर इसके प्रभाव का कोई जाँचने योग्य प्रमाण नहीं है। फिर भी कुछ सलाहें सामान्य एर्गोनॉमिक्स से मेल खाती हैं: दरवाज़े की ओर सिर करके न सोना, दीवार की ओर पीठ करके बैठना, रास्तों में सामान न भरना — ये परंपरा से स्वतंत्र रूप से काम करती हैं।
क्या फ़र्नीचर की जगह बदलना ज़रूरी है?
नहीं। उन चीज़ों से शुरू करें जो बिना मरम्मत के हिलाई जा सकती हैं: पलंग, मेज़, काम की कुर्सी।
अगर मैं किराए के फ़्लैट में हूँ तो क्या कम्पास चाहिए?
कुआ अंक के लिए — नहीं। फ़्लाइंग स्टार्स के लिए — हाँ, मुख की दिशा के बिना गणना नहीं होगी।
अगर साथियों की कुआ दिशाएँ एक-दूसरे के विपरीत हों तो क्या करें?
यह आम स्थिति है: पति-पत्नी के समूह अक्सर अलग होते हैं। पलंग उसके अनुसार रखा जाता है जिसकी नींद ज़्यादा ख़राब है, और काम की जगहें हर किसी की अपनी दिशाओं के अनुसार अलग रखी जाती हैं।