वृश्चिक मासिक राशिफल
वृश्चिक (23 अक्टूबर — 21 नवंबर) के लिए चालू महीने का राशिफल। यह आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है — ग्रहों के राशि परिवर्तन, वक्री और मार्गी होना, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और पहलू — और महीने का विश्लेषण जीवन के क्षेत्रों और दिनों के अनुसार करता है।
महीना संक्षेप में
सूर्य आपकी राशि में — यह आपका महीना है, जो जन्मदिन से शुरू होता है। परंपरा के अनुसार यह ऊर्जा, व्यक्तिगत शुरुआतों और ख़ुद पर ध्यान देने का समय है।
परंपरा के अनुसार अवधि का स्वर हल्का है: सामंजस्यपूर्ण पहलू (6) तनावपूर्ण पहलुओं (3) से साफ़ तौर पर ज़्यादा हैं। काम आगे बढ़ाने और जो चाहिए वह माँगने का अच्छा समय।
सोम, 9 नवंबर, 12:33 बजे — अमावस्या — वृश्चिक में, पहला भाव। आपकी राशि में अमावस्या एक छोटा-सा निजी नया साल है। परंपरा के अनुसार यह महीने का सबसे अच्छा समय है अपने लिए कुछ शुरू करने का: नई दिनचर्या, नया रूप, खेल, ऐसी परियोजना जिसकी बागडोर आपके हाथ में हो।
शुक्र, 13 नवंबर, 21:27 बजे — बुध ठहरकर फिर मार्गी होता है (वृश्चिक में, पहला भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — व्यक्तित्व और सेहत — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।
शनि, 14 नवंबर, 5:59 बजे — शुक्र ठहरकर फिर मार्गी होता है (तुला में, बारहवाँ भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — विश्राम और एकांत — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।
रवि, 22 नवंबर, 12:54 बजे — सूर्य राशि बदलता है: अब धनु में, दूसरा भाव। सूर्य दूसरे भाव में: धन का महीना। परंपरा के अनुसार केंद्र में कमाई, संपत्ति और वे चीज़ें हैं, जिन पर आप टिके हैं।
मंगल, 24 नवंबर, 20:24 बजे — पूर्णिमा — मिथुन में, आठवाँ भाव। आठवें भाव में पूर्णिमा साझा धन और गहरी भावनाओं के प्रश्न सुलझाती है। परंपरा के अनुसार क़र्ज़ चुकाने और जो रोक रहा है उसे छोड़ने का समय।
गुरु, 26 नवंबर, 5:08 बजे — मंगल राशि बदलता है: अब कन्या में, ग्यारहवाँ भाव। मंगल ग्यारहवें भाव में: मंडलियों और समुदायों में सक्रियता, पर दोस्तों से बहस भी।
समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ, पहलू और ग्रहण — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव राशि से गिने जाते हैं: राशि स्वयं पहला भाव है, अगली दूसरा, और इसी तरह आगे। अच्छे और कठिन दिन परंपरा के नियमों से चुने गए हैं: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, दिन के पहलू, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।
प्रेम और रिश्ते
बारहवें भाव में शुक्र: छिपी भावनाएँ, पुरानी यादें, नज़रों से दूर रोमांस। परंपरा के अनुसार ज़ोरदार इज़हार से ज़्यादा शांत कोमलता का समय।
शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।
26 नवंबर तक। दसवें भाव में मंगल: निजी जीवन के लिए कम समय — सब कुछ करियर में जाता है। परंपरा के अनुसार साथी आपके काम से जल सकता है।
26 नवंबर से। ग्यारहवें भाव में मंगल: सक्रिय सामाजिक जीवन, पर दोस्तों से बहस भी। परंपरा के अनुसार कोई दोस्त प्रतिद्वंद्वी बन सकता है — या प्रेमी।
अवधि के पहलू: 4 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण); 10 नव॰ — शुक्र ⚹ मंगल (सामंजस्यपूर्ण); 28 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण)।
अच्छे दिन
- बुध, 18 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव
- गुरु, 19 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव
- सोम, 23 नवंबर — चंद्रमा — सातवाँ भाव
- मंगल, 24 नवंबर — चंद्रमा — सातवाँ भाव
काम और करियर
26 नवंबर तक। दसवें भाव में मंगल परंपरा के अनुसार उसकी सबसे मज़बूत स्थितियों में से एक है: करियर में सफलता, महत्वाकांक्षा, नतीजे। वरिष्ठों से टकराव संभव — अपनी लड़ाइयाँ सोच-समझकर चुनें।
26 नवंबर से। ग्यारहवें भाव में मंगल: टीम परियोजनाएँ, पेशेवर समुदायों में सक्रियता। परंपरा के अनुसार साझा लक्ष्य आगे बढ़ते हैं, पर टीम में बहस अनिवार्य है।
छठे भाव में शनि: ढेर सारी दिनचर्या और सख़्त वरिष्ठ। परंपरा के अनुसार काम व्यवस्थित करने, समय-सारिणी निभाने और बहुत ज़्यादा न लेने का समय।
बुध आपकी सूर्य राशि में: बातचीत और विचार आपके ही इर्द-गिर्द घूमते हैं — अपनी बात रखने और अपने पक्ष में समझौता करने का अच्छा समय।
बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।
छठा भाव (काम और स्वास्थ्य): शनि।
दसवाँ भाव (करियर और प्रतिष्ठा): मंगल, बृहस्पति।
अवधि के पहलू: 18 नव॰ — सूर्य □ बृहस्पति (तनावपूर्ण); 19 नव॰ — सूर्य □ मंगल (तनावपूर्ण); 24 नव॰ — सूर्य △ नेपच्यून (सामंजस्यपूर्ण); 25 नव॰ — सूर्य ⚹ प्लूटो (सामंजस्यपूर्ण); 26 नव॰ — सूर्य ☍ यूरेनस (तनावपूर्ण); 30 नव॰ — सूर्य △ शनि (सामंजस्यपूर्ण)।
अच्छे दिन
- मंगल, 10 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव; शुक्र ⚹ मंगल
- मंगल, 24 नवंबर — चंद्रमा — सातवाँ भाव; सूर्य △ नेपच्यून
- शनि, 28 नवंबर — चंद्रमा — नौवाँ भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति
- सोम, 30 नवंबर — चंद्रमा — दसवाँ भाव; सूर्य △ शनि
धन
दसवें भाव में बृहस्पति: करियर के ज़रिए पदोन्नति और आय में बढ़त। परंपरा के अनुसार वेतन वृद्धि माँगने और बड़ी परियोजनाएँ लेने का समय।
बारहवें भाव में शुक्र: गुप्त ख़र्च, आराम और दूसरों की मदद पर ख़र्च। परंपरा के अनुसार दान के लिए अच्छा, बड़ी ख़रीदारी के लिए कम।
दूसरा भाव (धन और संपत्ति): सूर्य।
ग्यारहवाँ भाव (मित्र और योजनाएँ): मंगल।
24 नवंबर को पूर्णिमा — आपका आठवाँ भाव: साझा धन और बदलाव।
अच्छे दिन
- बुध, 25 नवंबर — चंद्रमा — आठवाँ भाव; सूर्य ⚹ प्लूटो
- शनि, 28 नवंबर — शुक्र ⚹ बृहस्पति
- रवि, 29 नवंबर — चंद्रमा — दसवाँ भाव
- सोम, 30 नवंबर — चंद्रमा — दसवाँ भाव; सूर्य △ शनि
सेहत और ऊर्जा
26 नवंबर तक। दसवें भाव में मंगल: थकावट तक काम। परंपरा के अनुसार घुटनों, जोड़ों और पीठ का ध्यान रखें; आराम करना न भूलें।
26 नवंबर से। ग्यारहवें भाव में मंगल: परंपरा के अनुसार पिंडलियों और रक्त संचार का ध्यान रखें; साथ मिलकर खेल अच्छा विचार है।
छठे भाव में शनि परंपरा के अनुसार पुरानी तकलीफ़ों का समय है: जाँच टालें नहीं, नियमित दिनचर्या रखें और ज़रूरत से ज़्यादा काम न करें।
9 नवंबर को अमावस्या — आपका पहला भाव: व्यक्तित्व और सेहत।
जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवें या बारहवें भाव में होता है, तो परंपरा के अनुसार वह ताक़त खींचता है — इन दिनों आराम करें; पहले भाव में और पाँचवें व नौवें में (आपकी राशि से त्रिकोण) ऊर्जा सबसे ज़्यादा होती है।
अच्छे दिन
- बुध, 4 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव
- रवि, 8 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
- मंगल, 10 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव; शुक्र ⚹ मंगल
- सोम, 30 नवंबर — सूर्य △ शनि
कठिन दिन
- शुक्र, 6 नवंबर — चंद्रमा — बारहवाँ भाव
- शनि, 7 नवंबर — चंद्रमा — बारहवाँ भाव
ये सेहत के बारे में ज्योतिषीय सुझाव हैं, चिकित्सा सलाह नहीं: तबीयत ठीक न लगे तो डॉक्टर से मिलें।
महीने के पहलू
| तारीख़ | पहलू | भाव |
|---|---|---|
| 4 नव॰ | शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 12 · 10 |
| 4 नव॰ | सूर्य ☌ बुध · युति | 1 · 1 |
| 10 नव॰ | शुक्र ⚹ मंगल · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 12 · 10 |
| 16 नव॰ | मंगल ☌ बृहस्पति · युति | 10 · 10 |
| 18 नव॰ | सूर्य □ बृहस्पति · केंद्र तनावपूर्ण | 1 · 10 |
| 19 नव॰ | सूर्य □ मंगल · केंद्र तनावपूर्ण | 1 · 10 |
| 24 नव॰ | सूर्य △ नेपच्यून · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण | 2 · 6 |
| 25 नव॰ | सूर्य ⚹ प्लूटो · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 2 · 4 |
| 26 नव॰ | सूर्य ☍ यूरेनस · प्रतियुति तनावपूर्ण | 2 · 8 |
| 28 नव॰ | शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 12 · 10 |
| 30 नव॰ | सूर्य △ शनि · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण | 2 · 6 |
भाव — आपकी राशि से गिने गए उन भावों की संख्या, जिनमें ग्रह स्थित हैं। सामंजस्यपूर्ण पहलू षडांश और त्रिकोण हैं (और शुक्र या बृहस्पति से युति); तनावपूर्ण — केंद्र और प्रतियुति (और मंगल या शनि से युति)।
दिन-ब-दिन
| दिन | चंद्रमा का भाव | घटनाएँ | आकलन |
|---|---|---|---|
| रवि, 1 नव॰ | 9 → 10 · करियर और प्रतिष्ठा | अच्छा | |
| सोम, 2 नव॰ | 10 · करियर और प्रतिष्ठा | अच्छा | |
| मंगल, 3 नव॰ | 10 → 11 · मित्र और योजनाएँ | अच्छा | |
| बुध, 4 नव॰ | 11 · मित्र और योजनाएँ | शुक्र ⚹ बृहस्पति; सूर्य ☌ बुध | अच्छा |
| गुरु, 5 नव॰ | 11 → 12 · विश्राम और एकांत | अच्छा | |
| शुक्र, 6 नव॰ | 12 · विश्राम और एकांत | कठिन | |
| शनि, 7 नव॰ | 12 · विश्राम और एकांत | कठिन | |
| रवि, 8 नव॰ | 12 → 1 · व्यक्तित्व और सेहत | अच्छा | |
| सोम, 9 नव॰ | 1 · व्यक्तित्व और सेहत | अमावस्या | अच्छा |
| मंगल, 10 नव॰ | 1 → 2 · धन और संपत्ति | शुक्र ⚹ मंगल | अच्छा |
| बुध, 11 नव॰ | 2 · धन और संपत्ति | अच्छा | |
| गुरु, 12 नव॰ | 2 · धन और संपत्ति | अच्छा | |
| शुक्र, 13 नव॰ | 2 → 3 · संवाद और यात्राएँ | बुध: मार्गी होता है | संतुलित |
| शनि, 14 नव॰ | 3 · संवाद और यात्राएँ | शुक्र: मार्गी होता है | अच्छा |
| रवि, 15 नव॰ | 3 → 4 · घर और परिवार | अच्छा | |
| सोम, 16 नव॰ | 4 · घर और परिवार | मंगल ☌ बृहस्पति | अच्छा |
| मंगल, 17 नव॰ | 4 · घर और परिवार | अच्छा | |
| बुध, 18 नव॰ | 4 → 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकता | सूर्य □ बृहस्पति | अच्छा |
| गुरु, 19 नव॰ | 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकता | सूर्य □ मंगल | अच्छा |
| शुक्र, 20 नव॰ | 5 → 6 · काम और स्वास्थ्य | अच्छा | |
| शनि, 21 नव॰ | 6 · काम और स्वास्थ्य | अच्छा | |
| रवि, 22 नव॰ | 6 → 7 · साझेदार और अनुबंध | सूर्य → धनु | अच्छा |
| सोम, 23 नव॰ | 7 · साझेदार और अनुबंध | अच्छा | |
| मंगल, 24 नव॰ | 7 → 8 · साझा धन और बदलाव | सूर्य △ नेपच्यून; पूर्णिमा | अच्छा |
| बुध, 25 नव॰ | 8 · साझा धन और बदलाव | सूर्य ⚹ प्लूटो | अच्छा |
| गुरु, 26 नव॰ | 8 → 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाई | सूर्य ☍ यूरेनस; मंगल → कन्या | संतुलित |
| शुक्र, 27 नव॰ | 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाई | अच्छा | |
| शनि, 28 नव॰ | 9 → 10 · करियर और प्रतिष्ठा | शुक्र ⚹ बृहस्पति | अच्छा |
| रवि, 29 नव॰ | 10 · करियर और प्रतिष्ठा | अच्छा | |
| सोम, 30 नव॰ | 10 → 11 · मित्र और योजनाएँ | सूर्य △ शनि | अच्छा |
दिन का आकलन परंपरा के नियमों के अनुसार अंकों का योग है: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ और वक्री गति, पहलू, ठहराव, उस दिन की अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।
यह राशिफल कैसे बनाया गया है
मासिक राशिफल महीने की पहली से आख़िरी तारीख़ तक आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है: सूर्य और ग्रहों का नई राशियों में जाना, बुध, शुक्र, मंगल और बाहरी ग्रहों का वक्री-मार्गी होना, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और महीने की सभी सटीक दृष्टियाँ। स्थितियाँ JPL DE421 एफ़ेमेरिस से ली गई हैं।
घटनाओं को सौर भावों के नियम से आपकी राशि की भाषा में ढाला जाता है: वृश्चिक — पहला भाव, अगली राशि — दूसरा, और इसी तरह आगे। जीवन के क्षेत्रों का विश्लेषण अलग-अलग है: प्रेम — शुक्र और मंगल से, काम — मंगल, शनि और बुध से, धन — बृहस्पति और शुक्र से, ऊर्जा — मंगल, शनि और चंद्रमा से।
हर क्षेत्र के शुभ दिन — सबसे ज़्यादा अंकों वाले दिन: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, उनका वक्री होना, सटीक दृष्टियाँ, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण। “दिनवार” तालिका में महीने के हर दिन का आकलन और वे घटनाएँ दिखती हैं जिनसे वह बना।
वृश्चिक का स्वामी ग्रह
राशि का स्वामी ग्रह — मंगल। परंपरा के अनुसार वृश्चिक के लिए इसकी स्थिति और पहलू अन्य राशियों की तुलना में अधिक मायने रखते हैं: स्वामी ग्रह के शुभ पहलू पूरी अवधि को मज़बूत करते हैं, तनावपूर्ण पहलू उसे कठिन बनाते हैं।
वृश्चिक राशिफल — अन्य अवधियों के लिए
यह पाठ सभी वृश्चिक राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — वृश्चिक पेज पर।