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आज का वृषभ राशिफल

सूर्य राशि वृषभ (20 अप्रैल — 20 मई) के लिए राशिफल, ग्रहों की वास्तविक स्थिति के अनुसार। इसका मुख्य भाग चंद्रमा है: वह हर दो-तीन दिन में नई राशि में जाता है और दिन का विषय तय करता है। बाकी ग्रह धीमे चलते हैं और महीने व साल की पृष्ठभूमि दिखाते हैं।

वृषभ · आज का राशिफल
6चंद्रमा का भाव
7सूर्य का भाव
घटता चंद्रमाचंद्र कला

चंद्रमा

पूरे दिन — तुला में, छठा भाव।

चंद्रमा छठे भाव में — काम और स्वास्थ्य के भाव में। परंपरा के अनुसार दिन ज़िम्मेदारियों, रोज़मर्रा के काम और व्यवस्था में जाता है: सूची के अनुसार काम, घरेलू ज़िम्मेदारियाँ, शरीर की देखभाल। दिनचर्या, सफ़ाई और डॉक्टर के पास जाने के लिए उपयुक्त; परंपरा इस दिन से किसी ख़ास रौनक़ की उम्मीद नहीं करती।

समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव सूर्य राशि से गिने जाते हैं: वह स्वयं पहला भाव है, अगली राशि दूसरा, और इसी तरह आगे। व्याख्याएँ परंपरा के नियमों के अनुसार हैं; एक ही राशि के सभी लोगों के लिए पाठ एक जैसा है।

बाकी ग्रह

  • सूर्य — वृश्चिक में, सातवाँ भाव

    सूर्य सातवें भाव में: साझेदारों का महीना। परंपरा के अनुसार केंद्र में रिश्ते, अनुबंध और दूसरे लोग हैं।

  • बुध — वृश्चिक में, सातवाँ भाव वक्री

    बुध सातवें भाव में: वार्ताएँ, अनुबंध और साझेदारों से बातचीत।

    बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।

  • शुक्र — तुला में, छठा भाव राशि स्वामी वक्री

    शुक्र छठे भाव में: काम पर अच्छे संबंध, सुखद दिनचर्या, अपनी देखभाल।

    शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।

  • मंगल — सिंह में, चौथा भाव

    मंगल चौथे भाव में: मरम्मत, फेरबदल और परिवार में तनाव।

  • बृहस्पति — सिंह में, चौथा भाव

    बृहस्पति चौथे भाव में: घर और परिवार का वर्ष — परंपरा घर बदलने, घर के विस्तार और परिवार में नए सदस्य के आगमन को इसके विषय मानती है।

  • शनि — मेष में, बारहवाँ भाव वक्री

    शनि बारहवें भाव में: परंपरा के अनुसार नए 29-वर्षीय चक्र से पहले पुराना पूरा करने और जमा हुए बोझ को निपटाने का समय।

    शनि इस समय वक्री है — साल में लगभग साढ़े चार महीने। परंपरा के अनुसार — अधूरी ज़िम्मेदारियों पर लौटने का समय।

वृषभ राशि के भाव

राशि के अनुसार राशिफल में आपकी सूर्य राशि को पहला भाव माना जाता है, उसके बाद वाली राशि को दूसरा, और इसी तरह पूरे चक्र में। उदाहरण के लिए, वृश्चिक में स्थित ग्रह वृषभ के लिए सातवें भाव में होता है — साझेदारी के भाव में। वृषभ राशि के लिए सभी भाव इस प्रकार हैं:

भावराशिक्षेत्र
पहला भाववृषभव्यक्तित्व और सेहत
दूसरा भावमिथुनधन और संपत्ति
तीसरा भावकर्कसंवाद और यात्राएँ
चौथा भावसिंहघर और परिवार
पाँचवाँ भावकन्याप्रेम, संतान, रचनात्मकता
छठा भावतुलाकाम और स्वास्थ्य
सातवाँ भाववृश्चिकसाझेदार और अनुबंध
आठवाँ भावधनुसाझा धन और बदलाव
नौवाँ भावमकरलंबी यात्राएँ और पढ़ाई
दसवाँ भावकुंभकरियर और प्रतिष्ठा
ग्यारहवाँ भावमीनमित्र और योजनाएँ
बारहवाँ भावमेषविश्राम और एकांत

राशि स्वामी

वृषभ का स्वामी शुक्र है। परंपरा उसे शुभ ग्रह मानती है, और वृषभ के लिए उसकी स्थिति दिखाती है कि इस समय पैसे, आनंद और रिश्तों में सबसे ज़्यादा आसानी कहाँ है। हर डेढ़ साल में शुक्र लगभग छह सप्ताह के लिए वक्री होता है — परंपरा के अनुसार इस दौरान वृषभ के लिए बड़ी ख़रीदारी न करना बेहतर है।

यह राशिफल कैसे पढ़ें

चंद्रमा दिन बताता है: देखिए कि वह किस भाव में है और कहीं राशि तो नहीं बदल रहा। सूर्य महीने का विषय दिखाता है (पहले भाव में — जन्मदिन वाला महीना), बुध, शुक्र और मंगल — कुछ सप्ताहों की पृष्ठभूमि, बृहस्पति और शनि — एक साल या उससे अधिक की।

घटनाओं का समय आपके डिवाइस की घड़ी के अनुसार, समय क्षेत्र को ध्यान में रखकर दिखाया गया है। “बीता कल” और “आने वाला कल” बटन पड़ोसी दिन दिखाते हैं।

यह पाठ सभी वृषभ राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — वृषभ पेज पर।

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