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हर महीने

सिंह मासिक राशिफल

सिंह (23 जुलाई — 22 अगस्त) का इस महीने का राशिफल। यह आकाश की वास्तविक घटनाओं — ग्रहों के राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होने, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहणों और दृष्टियों — से बना है और महीने का क्षेत्रवार और दिनवार विश्लेषण करता है।

सिंह · मासिक राशिफल
4 → 5सूर्य का भाव
24, 25, 30अच्छे दिन
13, 18, 19कठिन दिन

महीना संक्षेप में

सूर्य चौथे भाव में: घर और परिवार का महीना। परंपरा के अनुसार — अपनों, घर-मकान और दोबारा ऊर्जा जुटाने का समय।

परंपरा के अनुसार अवधि का स्वर हल्का है: सामंजस्यपूर्ण पहलू (6) तनावपूर्ण पहलुओं (3) से साफ़ तौर पर ज़्यादा हैं। काम आगे बढ़ाने और जो चाहिए वह माँगने का अच्छा समय।

सोम, 9 नवंबर, 12:33 बजे — अमावस्या — वृश्चिक में, चौथा भाव। चौथे भाव में अमावस्या घर में नई शुरुआत है। परंपरा के अनुसार घर बदलने, मरम्मत, फ़र्नीचर ख़रीदने, पारिवारिक फ़ैसलों और माता-पिता से बातचीत का समय।

शुक्र, 13 नवंबर, 21:27 बजे — बुध ठहरकर फिर मार्गी होता है (वृश्चिक में, चौथा भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — घर और परिवार — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।

शनि, 14 नवंबर, 5:59 बजे — शुक्र ठहरकर फिर मार्गी होता है (तुला में, तीसरा भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — संवाद और यात्राएँ — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।

रवि, 22 नवंबर, 12:54 बजे — सूर्य राशि बदलता है: अब धनु में, पाँचवाँ भाव। सूर्य पाँचवें भाव में: आनंद का महीना। परंपरा इसे प्रेम, संतान, रचनात्मकता और विश्राम से जोड़ती है।

मंगल, 24 नवंबर, 20:24 बजे — पूर्णिमा — मिथुन में, ग्यारहवाँ भाव। ग्यारहवें भाव में पूर्णिमा दोस्ती और साझा योजनाओं का शिखर है: परंपरा के अनुसार दिखता है कि कौन-से लक्ष्य पूरे हो रहे हैं, किन्हें छोड़ना है और कौन-से दोस्त सच में साथ हैं।

गुरु, 26 नवंबर, 5:08 बजे — मंगल राशि बदलता है: अब कन्या में, दूसरा भाव। मंगल दूसरे भाव में: ऊर्जा कमाई में लगती है; परंपरा के अनुसार ख़र्च भी बढ़ते हैं, ख़ासकर बिना सोचे-समझे किए गए।

समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ, पहलू और ग्रहण — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव राशि से गिने जाते हैं: राशि स्वयं पहला भाव है, अगली दूसरा, और इसी तरह आगे। अच्छे और कठिन दिन परंपरा के नियमों से चुने गए हैं: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, दिन के पहलू, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।

प्रेम और रिश्ते

शुक्र — तुला में, तीसरा भाव वक्री

तीसरे भाव में शुक्र: संदेशों में फ़्लर्ट, हल्की मुलाक़ातें, रास्ते में और घर के पास हुई जान-पहचान। परंपरा के अनुसार अभी शब्दों का वज़न सामान्य से ज़्यादा है — प्यार भरी बातें कहें।

शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।

मंगल — सिंह में, पहला भाव; 26 नवंबर से — कन्या में, दूसरा भाव

26 नवंबर तक। आपकी राशि में मंगल: जुनून और जोश — पहला कदम आप उठाते हैं। परंपरा के अनुसार प्रेम में भी और झगड़े में भी जल्दी भड़कना आसान है: अपने लहजे पर ध्यान दें।

26 नवंबर से। दूसरे भाव में मंगल: जोड़े के झगड़े ज़्यादातर पैसे और ख़र्चों को लेकर होते हैं। परंपरा के अनुसार बजट पर पहले से सहमति बना लेना बेहतर है।

अवधि के पहलू: 4 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण); 10 नव॰ — शुक्र ⚹ मंगल (सामंजस्यपूर्ण); 28 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण)।

अच्छे दिन

  • मंगल, 24 नवंबर — सूर्य △ नेपच्यून
  • बुध, 25 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव; सूर्य ⚹ प्लूटो
  • रवि, 29 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
  • सोम, 30 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव; सूर्य △ शनि

काम और करियर

मंगल — सिंह में, पहला भाव; 26 नवंबर से — कन्या में, दूसरा भाव

26 नवंबर तक। आपकी राशि में मंगल: भरपूर ऊर्जा और पहल — परंपरा के अनुसार कठिन काम हाथ में लेने और अपनी बात आगे बढ़ाने का समय। दूसरा पहलू — अधीरता और धीमे लोगों से टकराव।

26 नवंबर से। दूसरे भाव में मंगल: ऊर्जा कमाई में जाती है — अतिरिक्त काम, सौदे, बिक्री। परंपरा के अनुसार ख़र्च भी बढ़ते हैं, इसलिए हिसाब रखें।

शनि — मेष में, नौवाँ भाव वक्री

नौवें भाव में शनि: गंभीर शिक्षा, परीक्षाएँ, क़ानूनी मामले। परंपरा के अनुसार मन लगाकर पढ़ने का समय — करियर में इसका फल मिलेगा।

बुध — वृश्चिक में, चौथा भाव वक्री

बुध चौथे भाव में: परिवार के साथ बातचीत, घर-मकान के काग़ज़, घरेलू योजनाएँ।

बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।

अवधि के पहलू: 18 नव॰ — सूर्य □ बृहस्पति (तनावपूर्ण); 19 नव॰ — सूर्य □ मंगल (तनावपूर्ण); 24 नव॰ — सूर्य △ नेपच्यून (सामंजस्यपूर्ण); 25 नव॰ — सूर्य ⚹ प्लूटो (सामंजस्यपूर्ण); 26 नव॰ — सूर्य ☍ यूरेनस (तनावपूर्ण); 30 नव॰ — सूर्य △ शनि (सामंजस्यपूर्ण)।

अच्छे दिन

  • सोम, 23 नवंबर — चंद्रमा — दसवाँ भाव
  • मंगल, 24 नवंबर — चंद्रमा — दसवाँ भाव; सूर्य △ नेपच्यून
  • बुध, 25 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव; सूर्य ⚹ प्लूटो
  • सोम, 30 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव; सूर्य △ शनि

धन

बृहस्पति — सिंह में, पहला भाव

आपकी राशि में बृहस्पति: परंपरा के अनुसार ऐसा साल जब अवसर अपने आप आते हैं — कमाई निजी पहल से बढ़ती है। मुख्य जोखिम — ख़ुद को ज़्यादा आँकना और ज़्यादा ख़र्च करना।

शुक्र — तुला में, तीसरा भाव वक्री

तीसरे भाव में शुक्र: छोटे सुखद ख़र्च, अपनों के लिए उपहार, सफल व्यापार और दाम पर मोलभाव।

दूसरा भाव (धन और संपत्ति): मंगल।

अच्छे दिन

  • बुध, 4 नवंबर — चंद्रमा — दूसरा भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति
  • सोम, 23 नवंबर — चंद्रमा — दसवाँ भाव
  • मंगल, 24 नवंबर — चंद्रमा — दसवाँ भाव
  • बुध, 25 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव

सेहत और ऊर्जा

26 नवंबर तक। आपकी राशि में मंगल: भरपूर ऊर्जा, पर परंपरा के अनुसार जल्दबाज़ी से चोट, कटने, जलने, सिरदर्द और बुख़ार का जोखिम ज़्यादा। खेल सबसे अच्छा निकास है।

26 नवंबर से। दूसरे भाव में मंगल: गले और गर्दन में तनाव। परंपरा के अनुसार खान-पान पर ध्यान दें — तनाव को खाने से दबाना आसान है।

नौवें भाव में शनि: परंपरा के अनुसार जिगर और कूल्हों का ध्यान रखें; बिना फ़ालतू जोखिम के यात्रा करें।

जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवें या बारहवें भाव में होता है, तो परंपरा के अनुसार वह ताक़त खींचता है — इन दिनों आराम करें; पहले भाव में और पाँचवें व नौवें में (आपकी राशि से त्रिकोण) ऊर्जा सबसे ज़्यादा होती है।

अच्छे दिन

  • मंगल, 10 नवंबर — चंद्रमा — चौथा भाव; शुक्र ⚹ मंगल
  • बुध, 25 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव; सूर्य ⚹ प्लूटो
  • रवि, 29 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
  • सोम, 30 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव; सूर्य △ शनि

कठिन दिन

  • शुक्र, 6 नवंबर
  • शुक्र, 13 नवंबर — बुध: मार्गी होता है
  • बुध, 18 नवंबर — चंद्रमा — आठवाँ भाव; सूर्य □ बृहस्पति
  • गुरु, 19 नवंबर — चंद्रमा — आठवाँ भाव; सूर्य □ मंगल

ये सेहत के बारे में ज्योतिषीय सुझाव हैं, चिकित्सा सलाह नहीं: तबीयत ठीक न लगे तो डॉक्टर से मिलें।

महीने के पहलू

तारीख़पहलूभाव
4 नव॰शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण3 · 1
4 नव॰सूर्य ☌ बुध · युति4 · 4
10 नव॰शुक्र ⚹ मंगल · षडांश सामंजस्यपूर्ण3 · 1
16 नव॰मंगल ☌ बृहस्पति · युति1 · 1
18 नव॰सूर्य □ बृहस्पति · केंद्र तनावपूर्ण4 · 1
19 नव॰सूर्य □ मंगल · केंद्र तनावपूर्ण4 · 1
24 नव॰सूर्य △ नेपच्यून · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण5 · 9
25 नव॰सूर्य ⚹ प्लूटो · षडांश सामंजस्यपूर्ण5 · 7
26 नव॰सूर्य ☍ यूरेनस · प्रतियुति तनावपूर्ण5 · 11
28 नव॰शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण3 · 1
30 नव॰सूर्य △ शनि · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण5 · 9

भाव — आपकी राशि से गिने गए उन भावों की संख्या, जिनमें ग्रह स्थित हैं। सामंजस्यपूर्ण पहलू षडांश और त्रिकोण हैं (और शुक्र या बृहस्पति से युति); तनावपूर्ण — केंद्र और प्रतियुति (और मंगल या शनि से युति)।

दिन-ब-दिन

दिनचंद्रमा का भावघटनाएँआकलन
रवि, 1 नव॰12 → 1 · व्यक्तित्व और सेहतसंतुलित
सोम, 2 नव॰1 · व्यक्तित्व और सेहतसंतुलित
मंगल, 3 नव॰1 → 2 · धन और संपत्तिसंतुलित
बुध, 4 नव॰2 · धन और संपत्तिशुक्र ⚹ बृहस्पति; सूर्य ☌ बुधअच्छा
गुरु, 5 नव॰2 → 3 · संवाद और यात्राएँसंतुलित
शुक्र, 6 नव॰3 · संवाद और यात्राएँकठिन
शनि, 7 नव॰3 · संवाद और यात्राएँकठिन
रवि, 8 नव॰3 → 4 · घर और परिवारसंतुलित
सोम, 9 नव॰4 · घर और परिवारअमावस्याकठिन
मंगल, 10 नव॰4 → 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकताशुक्र ⚹ मंगलअच्छा
बुध, 11 नव॰5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकतासंतुलित
गुरु, 12 नव॰5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकतासंतुलित
शुक्र, 13 नव॰5 → 6 · काम और स्वास्थ्यबुध: मार्गी होता हैकठिन
शनि, 14 नव॰6 · काम और स्वास्थ्यशुक्र: मार्गी होता हैसंतुलित
रवि, 15 नव॰6 → 7 · साझेदार और अनुबंधअच्छा
सोम, 16 नव॰7 · साझेदार और अनुबंधमंगल ☌ बृहस्पतिअच्छा
मंगल, 17 नव॰7 · साझेदार और अनुबंधअच्छा
बुध, 18 नव॰7 → 8 · साझा धन और बदलावसूर्य □ बृहस्पतिकठिन
गुरु, 19 नव॰8 · साझा धन और बदलावसूर्य □ मंगलकठिन
शुक्र, 20 नव॰8 → 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाईअच्छा
शनि, 21 नव॰9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाईअच्छा
रवि, 22 नव॰9 → 10 · करियर और प्रतिष्ठासूर्य → धनुअच्छा
सोम, 23 नव॰10 · करियर और प्रतिष्ठाअच्छा
मंगल, 24 नव॰10 → 11 · मित्र और योजनाएँसूर्य △ नेपच्यून; पूर्णिमाअच्छा
बुध, 25 नव॰11 · मित्र और योजनाएँसूर्य ⚹ प्लूटोअच्छा
गुरु, 26 नव॰11 → 12 · विश्राम और एकांतसूर्य ☍ यूरेनस; मंगल → कन्यासंतुलित
शुक्र, 27 नव॰12 · विश्राम और एकांतकठिन
शनि, 28 नव॰12 → 1 · व्यक्तित्व और सेहतशुक्र ⚹ बृहस्पतिसंतुलित
रवि, 29 नव॰1 · व्यक्तित्व और सेहतअच्छा
सोम, 30 नव॰1 → 2 · धन और संपत्तिसूर्य △ शनिअच्छा

दिन का आकलन परंपरा के नियमों के अनुसार अंकों का योग है: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ और वक्री गति, पहलू, ठहराव, उस दिन की अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।

यह राशिफल कैसे बनाया गया है

मासिक राशिफल महीने की पहली से आख़िरी तारीख़ तक आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है: सूर्य और ग्रहों का नई राशियों में जाना, बुध, शुक्र, मंगल और बाहरी ग्रहों का वक्री-मार्गी होना, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और महीने की सभी सटीक दृष्टियाँ। स्थितियाँ JPL DE421 एफ़ेमेरिस से ली गई हैं।

घटनाओं को सौर भावों के नियम से आपकी राशि की भाषा में बदला जाता है: सिंह — पहला भाव, अगली राशि — दूसरा, और इसी तरह आगे। क्षेत्रों का अलग-अलग विश्लेषण किया गया है: प्रेम — शुक्र और मंगल से, काम — मंगल, शनि और बुध से, धन — बृहस्पति और शुक्र से, ऊर्जा — मंगल, शनि और चंद्रमा से।

हर क्षेत्र के शुभ दिन — सबसे ज़्यादा अंकों वाले दिन: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, उनका वक्री होना, सटीक दृष्टियाँ, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण। “दिनवार” तालिका में महीने के हर दिन का आकलन और वे घटनाएँ दिखती हैं जिनसे वह बना।

सिंह का स्वामी

राशि का स्वामी — सूर्य। परंपरा के अनुसार सिंह के लिए उसकी स्थिति और दृष्टियाँ दूसरी राशियों से ज़्यादा मायने रखती हैं: स्वामी की शुभ दृष्टियाँ पूरी अवधि को मज़बूत करती हैं, तनावपूर्ण — उसे कठिन बनाती हैं।

सिंह राशिफल — दूसरी अवधियों के लिए

यह पाठ सभी सिंह राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — सिंह पेज पर।

दूसरी राशियों का मासिक राशिफल