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आज का मीन राशिफल

सूर्य राशि मीन (19 फ़रवरी — 20 मार्च) के लिए राशिफल, ग्रहों की वास्तविक स्थिति के अनुसार। इसका मुख्य भाग चंद्रमा है: वह हर दो-तीन दिन में नई राशि में जाता है और दिन का विषय तय करता है। बाकी ग्रह धीमे चलते हैं और महीने व साल की पृष्ठभूमि दिखाते हैं।

मीन · आज का राशिफल
8चंद्रमा का भाव
9सूर्य का भाव
घटता चंद्रमाचंद्र कला

चंद्रमा

पूरे दिन — तुला में, आठवाँ भाव।

चंद्रमा आठवें भाव में — साझा धन और संकटों के भाव में। परंपरा इस भाव को कठिन मानती है: दिन गंभीर विषयों — क़र्ज़, टैक्स, लोन, दूसरों के संसाधन — और गहरी भावनाओं की ओर ले जाता है। जोखिम भरे फ़ैसलों के लिए यह सबसे अच्छा समय नहीं, पर पुरानी देनदारियाँ निपटाने के लिए अच्छा है।

समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव सूर्य राशि से गिने जाते हैं: वह स्वयं पहला भाव है, अगली राशि दूसरा, और इसी तरह आगे। व्याख्याएँ परंपरा के नियमों के अनुसार हैं; एक ही राशि के सभी लोगों के लिए पाठ एक जैसा है।

बाकी ग्रह

  • सूर्य — वृश्चिक में, नौवाँ भाव

    सूर्य नौवें भाव में: नए क्षितिजों का महीना — यात्राएँ, पढ़ाई, नए विचार, वह सब जो नज़रिया व्यापक बनाता है।

  • बुध — वृश्चिक में, नौवाँ भाव वक्री

    बुध नौवें भाव में: पढ़ाई, लंबी यात्राएँ, विदेशी भाषाएँ, प्रकाशन।

    बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।

  • शुक्र — तुला में, आठवाँ भाव वक्री

    शुक्र आठवें भाव में: साथी का पैसा, उपहार, साझा वित्त; भावनाएँ सामान्य से ज़्यादा गहरी और जटिल।

    शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।

  • मंगल — सिंह में, छठा भाव

    मंगल छठे भाव में: ढेर सारा काम और सहकर्मियों से खटपट; परंपरा ऊर्जा बचाकर रखने की सलाह देती है।

  • बृहस्पति — सिंह में, छठा भाव राशि स्वामी

    बृहस्पति छठे भाव में: भारी काम-काज और उपयोगी मेहनत का वर्ष; परंपरा सेहत की अनदेखी न करने की सलाह देती है।

  • शनि — मेष में, दूसरा भाव वक्री

    शनि दूसरे भाव में: परंपरा के अनुसार बचत और वित्तीय अनुशासन का दौर — पैसा मेहनत से मिलता है।

    शनि इस समय वक्री है — साल में लगभग साढ़े चार महीने। परंपरा के अनुसार — अधूरी ज़िम्मेदारियों पर लौटने का समय।

मीन राशि के भाव

राशि के अनुसार राशिफल में आपकी सूर्य राशि को पहला भाव माना जाता है, उसके बाद वाली राशि को दूसरा, और इसी तरह पूरे चक्र में। उदाहरण के लिए, कन्या में स्थित ग्रह मीन के लिए सातवें भाव में होता है — साझेदारी के भाव में। मीन राशि के लिए सभी भाव इस प्रकार हैं:

भावराशिक्षेत्र
पहला भावमीनव्यक्तित्व और सेहत
दूसरा भावमेषधन और संपत्ति
तीसरा भाववृषभसंवाद और यात्राएँ
चौथा भावमिथुनघर और परिवार
पाँचवाँ भावकर्कप्रेम, संतान, रचनात्मकता
छठा भावसिंहकाम और स्वास्थ्य
सातवाँ भावकन्यासाझेदार और अनुबंध
आठवाँ भावतुलासाझा धन और बदलाव
नौवाँ भाववृश्चिकलंबी यात्राएँ और पढ़ाई
दसवाँ भावधनुकरियर और प्रतिष्ठा
ग्यारहवाँ भावमकरमित्र और योजनाएँ
बारहवाँ भावकुंभविश्राम और एकांत

राशि स्वामी

शास्त्रीय परंपरा में मीन का स्वामी बृहस्पति है; आधुनिक ज्योतिष इसके साथ नेपच्यून को भी जोड़ता है, लेकिन यहाँ सात शास्त्रीय ग्रह लिए जाते हैं। बृहस्पति लगभग साल में एक बार राशि बदलता है, और उसका भाव दिखाता है कि परंपरा के अनुसार इस वर्ष मीन के लिए सबसे अधिक अवसर कहाँ हैं।

यह राशिफल कैसे पढ़ें

चंद्रमा दिन बताता है: देखिए कि वह किस भाव में है और कहीं राशि तो नहीं बदल रहा। सूर्य महीने का विषय दिखाता है (पहले भाव में — जन्मदिन वाला महीना), बुध, शुक्र और मंगल — कुछ सप्ताहों की पृष्ठभूमि, बृहस्पति और शनि — एक साल या उससे अधिक की।

घटनाओं का समय आपके डिवाइस की घड़ी के अनुसार, समय क्षेत्र को ध्यान में रखकर दिखाया गया है। “बीता कल” और “आने वाला कल” बटन पड़ोसी दिन दिखाते हैं।

यह पाठ सभी मीन राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — मीन पेज पर।

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