कुंभ मासिक राशिफल
कुंभ (20 जनवरी — 18 फ़रवरी) के लिए चालू महीने का राशिफल। यह आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है — ग्रहों के राशि परिवर्तन, वक्री और मार्गी होना, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और पहलू — और महीने का विश्लेषण जीवन के क्षेत्रों और दिनों के अनुसार करता है।
महीना संक्षेप में
सूर्य दसवें भाव में: करियर का महीना। परंपरा के अनुसार — लक्ष्यों, परिणामों और सार्वजनिक मूल्यांकन का समय।
परंपरा के अनुसार अवधि का स्वर हल्का है: सामंजस्यपूर्ण पहलू (6) तनावपूर्ण पहलुओं (3) से साफ़ तौर पर ज़्यादा हैं। काम आगे बढ़ाने और जो चाहिए वह माँगने का अच्छा समय।
सोम, 9 नवंबर, 12:33 बजे — अमावस्या — वृश्चिक में, दसवाँ भाव। दसवें भाव में अमावस्या परंपरा के अनुसार महीने की करियर की सबसे अहम शुरुआत है: नया पद, परियोजना, आवेदन, भविष्य के बारे में वरिष्ठों से बातचीत।
शुक्र, 13 नवंबर, 21:27 बजे — बुध ठहरकर फिर मार्गी होता है (वृश्चिक में, दसवाँ भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — करियर और प्रतिष्ठा — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।
शनि, 14 नवंबर, 5:59 बजे — शुक्र ठहरकर फिर मार्गी होता है (तुला में, नौवाँ भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — लंबी यात्राएँ और पढ़ाई — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।
रवि, 22 नवंबर, 12:54 बजे — सूर्य राशि बदलता है: अब धनु में, ग्यारहवाँ भाव। सूर्य ग्यारहवें भाव में: मित्रों का महीना — मंडलियाँ, साझा परियोजनाएँ और भविष्य की योजनाएँ।
मंगल, 24 नवंबर, 20:24 बजे — पूर्णिमा — मिथुन में, पाँचवाँ भाव। पाँचवें भाव में पूर्णिमा प्रेम और रचनात्मकता का चरम है: भावनाएँ ज़्यादा तीव्र, इज़हार और रोमांटिक मोड़। परंपरा के अनुसार जुए में पैसा दाँव पर न लगाएँ।
गुरु, 26 नवंबर, 5:08 बजे — मंगल राशि बदलता है: अब कन्या में, आठवाँ भाव। मंगल आठवें भाव में — परंपरा के अनुसार कठिन स्थिति: साझा पैसे और क़र्ज़ को लेकर तनाव, निर्णायक बदलाव।
समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ, पहलू और ग्रहण — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव राशि से गिने जाते हैं: राशि स्वयं पहला भाव है, अगली दूसरा, और इसी तरह आगे। अच्छे और कठिन दिन परंपरा के नियमों से चुने गए हैं: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, दिन के पहलू, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।
प्रेम और रिश्ते
नौवें भाव में शुक्र: छुट्टियों का रोमांस, दूरी वाला प्रेम, किसी दूसरी संस्कृति के व्यक्ति के प्रति आकर्षण। परंपरा के अनुसार साथ की यात्राएँ सफल रहती हैं।
शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।
26 नवंबर तक। सातवें भाव में मंगल परंपरा के अनुसार जोड़े में खुले टकराव का समय है: जो जमा हुआ है वह बाहर आता है। बहस ठीक है, जंग नहीं; जुनून भी प्रबल है।
26 नवंबर से। आठवें भाव में मंगल: तीव्र जुनून और नियंत्रण की खींचतान। परंपरा के अनुसार दबाव न डालना और ईर्ष्या न करना ज़रूरी है; अंतरंगता सामने आती है।
24 नवंबर को पूर्णिमा — आपका पाँचवाँ भाव: प्रेम, संतान, रचनात्मकता।
अवधि के पहलू: 4 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण); 10 नव॰ — शुक्र ⚹ मंगल (सामंजस्यपूर्ण); 28 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण)।
अच्छे दिन
- बुध, 25 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव
- शनि, 28 नवंबर — शुक्र ⚹ बृहस्पति
- रवि, 29 नवंबर — चंद्रमा — सातवाँ भाव
- सोम, 30 नवंबर — चंद्रमा — सातवाँ भाव
काम और करियर
26 नवंबर तक। सातवें भाव में मंगल: प्रतिस्पर्धी और कड़ी बातचीत। परंपरा के अनुसार अपनी शर्तों पर टिके रहने का समय, पर ग़ुस्से में अनुबंध तोड़ने का नहीं।
26 नवंबर से। आठवें भाव में मंगल: संसाधनों, क़र्ज़ों, कंपनी के साझा धन के लिए संघर्ष। परंपरा के अनुसार संकट प्रबंधन और पुनर्गठन के लिए अच्छा, दूसरों के पैसे से जोखिम के लिए बुरा।
तीसरे भाव में शनि: गंभीर पढ़ाई और काग़ज़ी काम; दस्तावेज़ और अनुबंध सटीकता माँगते हैं। परंपरा के अनुसार योग्यता बढ़ाने का अच्छा समय।
बुध दसवें भाव में: कारोबारी पत्राचार, बॉस से बातचीत, करियर की योजनाएँ।
बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।
दसवाँ भाव (करियर और प्रतिष्ठा): सूर्य, बुध।
9 नवंबर को अमावस्या — आपका दसवाँ भाव: करियर और प्रतिष्ठा।
अवधि के पहलू: 18 नव॰ — सूर्य □ बृहस्पति (तनावपूर्ण); 19 नव॰ — सूर्य □ मंगल (तनावपूर्ण); 24 नव॰ — सूर्य △ नेपच्यून (सामंजस्यपूर्ण); 25 नव॰ — सूर्य ⚹ प्लूटो (सामंजस्यपूर्ण); 26 नव॰ — सूर्य ☍ यूरेनस (तनावपूर्ण); 30 नव॰ — सूर्य △ शनि (सामंजस्यपूर्ण)।
अच्छे दिन
- मंगल, 10 नवंबर — चंद्रमा — दसवाँ भाव; शुक्र ⚹ मंगल
- सोम, 16 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
- शनि, 28 नवंबर — चंद्रमा — छठा भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति
- सोम, 30 नवंबर — चंद्रमा — सातवाँ भाव; सूर्य △ शनि
धन
सातवें भाव में बृहस्पति: लाभदायक अनुबंध और साझेदार। परंपरा के अनुसार पैसा गठबंधनों, अनुबंधों, जीवनसाथी या ग्राहकों के ज़रिए आता है।
नौवें भाव में शुक्र: यात्रा, पढ़ाई, विदेश से ख़रीदारी पर ख़र्च — परंपरा के अनुसार ये आनंद देते हैं और अनुभवों के रूप में लौटते हैं।
आठवाँ भाव (साझा धन और बदलाव): मंगल।
ग्यारहवाँ भाव (मित्र और योजनाएँ): सूर्य।
अच्छे दिन
- गुरु, 19 नवंबर — चंद्रमा — दूसरा भाव
- मंगल, 24 नवंबर — सूर्य △ नेपच्यून
- बुध, 25 नवंबर — सूर्य ⚹ प्लूटो
- शनि, 28 नवंबर — शुक्र ⚹ बृहस्पति
सेहत और ऊर्जा
26 नवंबर तक। सातवें भाव में मंगल: ऊर्जा बहसों और टकराव में जाती है। परंपरा के अनुसार कमर के निचले हिस्से और गुर्दों का ध्यान रखें, और ग़ुस्सा भीतर न दबाएँ।
26 नवंबर से। आठवें भाव में मंगल परंपरा के अनुसार कठिन स्थिति है: जोखिम भरे कामों, नियोजित ऑपरेशनों और ठंड लगने से सावधान रहें; ताक़त धीरे लौटती है।
तीसरे भाव में शनि: परंपरा के अनुसार नसों, साँस और कंधों का ध्यान रखें; कम भागदौड़, ज़्यादा टहलना।
जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवें या बारहवें भाव में होता है, तो परंपरा के अनुसार वह ताक़त खींचता है — इन दिनों आराम करें; पहले भाव में और पाँचवें व नौवें में (आपकी राशि से त्रिकोण) ऊर्जा सबसे ज़्यादा होती है।
अच्छे दिन
- सोम, 16 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
- मंगल, 17 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
- बुध, 25 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव; सूर्य ⚹ प्लूटो
- सोम, 30 नवंबर — सूर्य △ शनि
कठिन दिन
- गुरु, 5 नवंबर — चंद्रमा — आठवाँ भाव
- शुक्र, 13 नवंबर — चंद्रमा — बारहवाँ भाव; बुध: मार्गी होता है
- शनि, 14 नवंबर — चंद्रमा — बारहवाँ भाव; शुक्र: मार्गी होता है
ये सेहत के बारे में ज्योतिषीय सुझाव हैं, चिकित्सा सलाह नहीं: तबीयत ठीक न लगे तो डॉक्टर से मिलें।
महीने के पहलू
| तारीख़ | पहलू | भाव |
|---|---|---|
| 4 नव॰ | शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 9 · 7 |
| 4 नव॰ | सूर्य ☌ बुध · युति | 10 · 10 |
| 10 नव॰ | शुक्र ⚹ मंगल · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 9 · 7 |
| 16 नव॰ | मंगल ☌ बृहस्पति · युति | 7 · 7 |
| 18 नव॰ | सूर्य □ बृहस्पति · केंद्र तनावपूर्ण | 10 · 7 |
| 19 नव॰ | सूर्य □ मंगल · केंद्र तनावपूर्ण | 10 · 7 |
| 24 नव॰ | सूर्य △ नेपच्यून · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण | 11 · 3 |
| 25 नव॰ | सूर्य ⚹ प्लूटो · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 11 · 1 |
| 26 नव॰ | सूर्य ☍ यूरेनस · प्रतियुति तनावपूर्ण | 11 · 5 |
| 28 नव॰ | शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 9 · 7 |
| 30 नव॰ | सूर्य △ शनि · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण | 11 · 3 |
भाव — आपकी राशि से गिने गए उन भावों की संख्या, जिनमें ग्रह स्थित हैं। सामंजस्यपूर्ण पहलू षडांश और त्रिकोण हैं (और शुक्र या बृहस्पति से युति); तनावपूर्ण — केंद्र और प्रतियुति (और मंगल या शनि से युति)।
दिन-ब-दिन
| दिन | चंद्रमा का भाव | घटनाएँ | आकलन |
|---|---|---|---|
| रवि, 1 नव॰ | 6 → 7 · साझेदार और अनुबंध | संतुलित | |
| सोम, 2 नव॰ | 7 · साझेदार और अनुबंध | संतुलित | |
| मंगल, 3 नव॰ | 7 → 8 · साझा धन और बदलाव | संतुलित | |
| बुध, 4 नव॰ | 8 · साझा धन और बदलाव | शुक्र ⚹ बृहस्पति; सूर्य ☌ बुध | संतुलित |
| गुरु, 5 नव॰ | 8 → 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाई | कठिन | |
| शुक्र, 6 नव॰ | 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाई | संतुलित | |
| शनि, 7 नव॰ | 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाई | संतुलित | |
| रवि, 8 नव॰ | 9 → 10 · करियर और प्रतिष्ठा | संतुलित | |
| सोम, 9 नव॰ | 10 · करियर और प्रतिष्ठा | अमावस्या | संतुलित |
| मंगल, 10 नव॰ | 10 → 11 · मित्र और योजनाएँ | शुक्र ⚹ मंगल | अच्छा |
| बुध, 11 नव॰ | 11 · मित्र और योजनाएँ | अच्छा | |
| गुरु, 12 नव॰ | 11 · मित्र और योजनाएँ | अच्छा | |
| शुक्र, 13 नव॰ | 11 → 12 · विश्राम और एकांत | बुध: मार्गी होता है | कठिन |
| शनि, 14 नव॰ | 12 · विश्राम और एकांत | शुक्र: मार्गी होता है | कठिन |
| रवि, 15 नव॰ | 12 → 1 · व्यक्तित्व और सेहत | संतुलित | |
| सोम, 16 नव॰ | 1 · व्यक्तित्व और सेहत | मंगल ☌ बृहस्पति | अच्छा |
| मंगल, 17 नव॰ | 1 · व्यक्तित्व और सेहत | अच्छा | |
| बुध, 18 नव॰ | 1 → 2 · धन और संपत्ति | सूर्य □ बृहस्पति | संतुलित |
| गुरु, 19 नव॰ | 2 · धन और संपत्ति | सूर्य □ मंगल | संतुलित |
| शुक्र, 20 नव॰ | 2 → 3 · संवाद और यात्राएँ | अच्छा | |
| शनि, 21 नव॰ | 3 · संवाद और यात्राएँ | अच्छा | |
| रवि, 22 नव॰ | 3 → 4 · घर और परिवार | सूर्य → धनु | अच्छा |
| सोम, 23 नव॰ | 4 · घर और परिवार | अच्छा | |
| मंगल, 24 नव॰ | 4 → 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकता | सूर्य △ नेपच्यून; पूर्णिमा | अच्छा |
| बुध, 25 नव॰ | 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकता | सूर्य ⚹ प्लूटो | अच्छा |
| गुरु, 26 नव॰ | 5 → 6 · काम और स्वास्थ्य | सूर्य ☍ यूरेनस; मंगल → कन्या | संतुलित |
| शुक्र, 27 नव॰ | 6 · काम और स्वास्थ्य | अच्छा | |
| शनि, 28 नव॰ | 6 → 7 · साझेदार और अनुबंध | शुक्र ⚹ बृहस्पति | अच्छा |
| रवि, 29 नव॰ | 7 · साझेदार और अनुबंध | अच्छा | |
| सोम, 30 नव॰ | 7 → 8 · साझा धन और बदलाव | सूर्य △ शनि | अच्छा |
दिन का आकलन परंपरा के नियमों के अनुसार अंकों का योग है: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ और वक्री गति, पहलू, ठहराव, उस दिन की अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।
यह राशिफल कैसे बनाया गया है
मासिक राशिफल महीने की पहली से आख़िरी तारीख़ तक आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है: सूर्य और ग्रहों का नई राशियों में जाना, बुध, शुक्र, मंगल और बाहरी ग्रहों का वक्री-मार्गी होना, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और महीने की सभी सटीक दृष्टियाँ। स्थितियाँ JPL DE421 एफ़ेमेरिस से ली गई हैं।
घटनाओं को सौर भावों के नियम से आपकी राशि की भाषा में ढाला जाता है: कुंभ — पहला भाव, अगली राशि — दूसरा, और इसी तरह आगे। जीवन के क्षेत्रों का विश्लेषण अलग-अलग है: प्रेम — शुक्र और मंगल से, काम — मंगल, शनि और बुध से, धन — बृहस्पति और शुक्र से, ऊर्जा — मंगल, शनि और चंद्रमा से।
हर क्षेत्र के शुभ दिन — सबसे ज़्यादा अंकों वाले दिन: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, उनका वक्री होना, सटीक दृष्टियाँ, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण। “दिनवार” तालिका में महीने के हर दिन का आकलन और वे घटनाएँ दिखती हैं जिनसे वह बना।
कुंभ का स्वामी ग्रह
राशि का स्वामी ग्रह — शनि। परंपरा के अनुसार कुंभ के लिए इसकी स्थिति और पहलू अन्य राशियों की तुलना में अधिक मायने रखते हैं: स्वामी ग्रह के शुभ पहलू पूरी अवधि को मज़बूत करते हैं, तनावपूर्ण पहलू उसे कठिन बनाते हैं।
कुंभ राशिफल — अन्य अवधियों के लिए
यह पाठ सभी कुंभ राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — कुंभ पेज पर।