मेष मासिक राशिफल
मेष (21 मार्च — 19 अप्रैल) का इस महीने का राशिफल। यह आकाश की वास्तविक घटनाओं — ग्रहों के राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होने, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहणों और दृष्टियों — से बना है और महीने का क्षेत्रवार और दिनवार विश्लेषण करता है।
महीना संक्षेप में
सूर्य आठवें भाव में: बदलावों का महीना। परंपरा इसे साझा धन, क़र्ज़ और उन चीज़ों से जोड़ती है, जिन्हें छोड़ देने का समय आ गया है।
परंपरा के अनुसार अवधि का स्वर हल्का है: सामंजस्यपूर्ण पहलू (6) तनावपूर्ण पहलुओं (3) से साफ़ तौर पर ज़्यादा हैं। काम आगे बढ़ाने और जो चाहिए वह माँगने का अच्छा समय।
सोम, 9 नवंबर, 12:33 बजे — अमावस्या — वृश्चिक में, आठवाँ भाव। आठवें भाव में अमावस्या परंपरा के अनुसार साझा धन — क़र्ज़, कर, बीमा, उधारी — को सुलझाने और जो अपना समय पूरा कर चुका है उसे छोड़ने का समय है।
शुक्र, 13 नवंबर, 21:27 बजे — बुध ठहरकर फिर मार्गी होता है (वृश्चिक में, आठवाँ भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — साझा धन और बदलाव — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।
शनि, 14 नवंबर, 5:59 बजे — शुक्र ठहरकर फिर मार्गी होता है (तुला में, सातवाँ भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — साझेदार और अनुबंध — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।
रवि, 22 नवंबर, 12:54 बजे — सूर्य राशि बदलता है: अब धनु में, नौवाँ भाव। सूर्य नौवें भाव में: नए क्षितिजों का महीना — यात्राएँ, पढ़ाई, नए विचार, वह सब जो नज़रिया व्यापक बनाता है।
मंगल, 24 नवंबर, 20:24 बजे — पूर्णिमा — मिथुन में, तीसरा भाव। तीसरे भाव में पूर्णिमा पत्राचार और बातचीत का नतीजा लाती है: जवाब आते हैं, ग़लतफ़हमियाँ दूर होती हैं। परंपरा के अनुसार सड़क पर और गाड़ी चलाते समय ख़ास सावधानी रखें।
गुरु, 26 नवंबर, 5:08 बजे — मंगल राशि बदलता है: अब कन्या में, छठा भाव। मंगल छठे भाव में: ढेर सारा काम और सहकर्मियों से खटपट; परंपरा ऊर्जा बचाकर रखने की सलाह देती है।
समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ, पहलू और ग्रहण — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव राशि से गिने जाते हैं: राशि स्वयं पहला भाव है, अगली दूसरा, और इसी तरह आगे। अच्छे और कठिन दिन परंपरा के नियमों से चुने गए हैं: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, दिन के पहलू, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।
प्रेम और रिश्ते
सातवें भाव में शुक्र परंपरा के अनुसार मिलन का समय है: जोड़े में सामंजस्य, सुलह, सगाई या विवाह के लिए अच्छा समय। अकेले लोग दूसरों के ज़रिए किसी से मिलते हैं।
शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।
26 नवंबर तक। पाँचवें भाव में मंगल परंपरा के अनुसार जुनून का समय है: तीव्र आकर्षण, प्रेम-निवेदन का रोमांच, जीवंत मुलाक़ातें। जोखिम — ईर्ष्या और आवेगी कदम।
26 नवंबर से। छठे भाव में मंगल: प्रेम के लिए कम ऊर्जा — सब कुछ काम ले लेता है। परंपरा के अनुसार थकान से उपजी चिड़चिड़ाहट आसानी से अपनों पर निकलती है।
अवधि के पहलू: 4 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण); 10 नव॰ — शुक्र ⚹ मंगल (सामंजस्यपूर्ण); 28 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण)।
अच्छे दिन
- शुक्र, 27 नवंबर — चंद्रमा — चौथा भाव
- शनि, 28 नवंबर — चंद्रमा — चौथा भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति
- रवि, 29 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव
- सोम, 30 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव
काम और करियर
26 नवंबर तक। पाँचवें भाव में मंगल: उत्साह और रचनात्मक जोश। परंपरा के अनुसार उन परियोजनाओं के लिए अच्छा जिन्हें गति चाहिए, सट्टेबाज़ी के लिए जोखिम भरा।
26 नवंबर से। छठे भाव में मंगल परंपरा के अनुसार काम के लिए मज़बूत स्थिति है: बहुत काम और बहुत कुछ पूरा। पर सहकर्मियों से घर्षण और ज़रूरत से ज़्यादा काम अक्सर साथ चलते हैं।
आपकी राशि में शनि: परंपरा के अनुसार पेशेवर परिपक्वता का समय — काम का बोझ और ज़िम्मेदारी बढ़ती है, पहचान देर से आती है पर टिकती है। ख़ुद के साथ सख़्त और अपनी ताक़त के साथ नरम रहें।
बुध आठवें भाव में: लोन, टैक्स और विरासत के काग़ज़, साझा पैसे पर गंभीर बातचीत।
बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।
छठा भाव (काम और स्वास्थ्य): मंगल।
अवधि के पहलू: 18 नव॰ — सूर्य □ बृहस्पति (तनावपूर्ण); 19 नव॰ — सूर्य □ मंगल (तनावपूर्ण); 24 नव॰ — सूर्य △ नेपच्यून (सामंजस्यपूर्ण); 25 नव॰ — सूर्य ⚹ प्लूटो (सामंजस्यपूर्ण); 26 नव॰ — सूर्य ☍ यूरेनस (तनावपूर्ण); 30 नव॰ — सूर्य △ शनि (सामंजस्यपूर्ण)।
अच्छे दिन
- बुध, 4 नवंबर — चंद्रमा — छठा भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति
- रवि, 15 नवंबर — चंद्रमा — दसवाँ भाव
- शनि, 28 नवंबर — शुक्र ⚹ बृहस्पति
- सोम, 30 नवंबर — सूर्य △ शनि
धन
पाँचवें भाव में बृहस्पति: रचनात्मकता और शौक़ से आय, ख़ुशी पर ख़ुशी-ख़ुशी ख़र्च। परंपरा के अनुसार जोखिम भरे कामों में भाग्य साथ देता है — पर उसे ज़्यादा न आज़माएँ।
सातवें भाव में शुक्र: लाभदायक समझौते और उदार साझेदार। परंपरा के अनुसार अनुबंध करने और साझा धन पर सहमति बनाने का अच्छा समय।
आठवाँ भाव (साझा धन और बदलाव): सूर्य, बुध।
9 नवंबर को अमावस्या — आपका आठवाँ भाव: साझा धन और बदलाव।
अच्छे दिन
- रवि, 15 नवंबर — चंद्रमा — दसवाँ भाव
- सोम, 16 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव
- मंगल, 17 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव
- मंगल, 24 नवंबर — चंद्रमा — दूसरा भाव
सेहत और ऊर्जा
26 नवंबर तक। पाँचवें भाव में मंगल: ऊर्जा बढ़ रही है — परंपरा के अनुसार खेल और सक्रिय आराम के लिए अच्छा, पर जोखिम भरे खेलों और दिल पर ज़ोर से सावधान रहें।
26 नवंबर से। छठे भाव में मंगल परंपरा के अनुसार सेहत के लिए मुख्य स्थिति है: ज़्यादा काम, सूजन और तीव्र बीमारी का जोखिम। दिनचर्या, नींद और संतुलित व्यायाम ज़रूरी हैं।
आपकी राशि में शनि: परंपरा के अनुसार कम ऊर्जा और पुरानी थकान का दौर। नियमित दिनचर्या, नींद, दाँतों, हड्डियों और जोड़ों की देखभाल।
जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवें या बारहवें भाव में होता है, तो परंपरा के अनुसार वह ताक़त खींचता है — इन दिनों आराम करें; पहले भाव में और पाँचवें व नौवें में (आपकी राशि से त्रिकोण) ऊर्जा सबसे ज़्यादा होती है।
अच्छे दिन
- शुक्र, 20 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
- शनि, 28 नवंबर — चंद्रमा — चौथा भाव
- रवि, 29 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव
- सोम, 30 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव; सूर्य △ शनि
कठिन दिन
- रवि, 8 नवंबर — चंद्रमा — आठवाँ भाव
- सोम, 9 नवंबर — चंद्रमा — आठवाँ भाव; अमावस्या
- बुध, 18 नवंबर — चंद्रमा — बारहवाँ भाव; सूर्य □ बृहस्पति
- गुरु, 19 नवंबर — चंद्रमा — बारहवाँ भाव; सूर्य □ मंगल
ये सेहत के बारे में ज्योतिषीय सुझाव हैं, चिकित्सा सलाह नहीं: तबीयत ठीक न लगे तो डॉक्टर से मिलें।
महीने के पहलू
| तारीख़ | पहलू | भाव |
|---|---|---|
| 4 नव॰ | शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 7 · 5 |
| 4 नव॰ | सूर्य ☌ बुध · युति | 8 · 8 |
| 10 नव॰ | शुक्र ⚹ मंगल · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 7 · 5 |
| 16 नव॰ | मंगल ☌ बृहस्पति · युति | 5 · 5 |
| 18 नव॰ | सूर्य □ बृहस्पति · केंद्र तनावपूर्ण | 8 · 5 |
| 19 नव॰ | सूर्य □ मंगल · केंद्र तनावपूर्ण | 8 · 5 |
| 24 नव॰ | सूर्य △ नेपच्यून · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण | 9 · 1 |
| 25 नव॰ | सूर्य ⚹ प्लूटो · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 9 · 11 |
| 26 नव॰ | सूर्य ☍ यूरेनस · प्रतियुति तनावपूर्ण | 9 · 3 |
| 28 नव॰ | शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 7 · 5 |
| 30 नव॰ | सूर्य △ शनि · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण | 9 · 1 |
भाव — आपकी राशि से गिने गए उन भावों की संख्या, जिनमें ग्रह स्थित हैं। सामंजस्यपूर्ण पहलू षडांश और त्रिकोण हैं (और शुक्र या बृहस्पति से युति); तनावपूर्ण — केंद्र और प्रतियुति (और मंगल या शनि से युति)।
दिन-ब-दिन
| दिन | चंद्रमा का भाव | घटनाएँ | आकलन |
|---|---|---|---|
| रवि, 1 नव॰ | 4 → 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकता | अच्छा | |
| सोम, 2 नव॰ | 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकता | अच्छा | |
| मंगल, 3 नव॰ | 5 → 6 · काम और स्वास्थ्य | अच्छा | |
| बुध, 4 नव॰ | 6 · काम और स्वास्थ्य | शुक्र ⚹ बृहस्पति; सूर्य ☌ बुध | अच्छा |
| गुरु, 5 नव॰ | 6 → 7 · साझेदार और अनुबंध | संतुलित | |
| शुक्र, 6 नव॰ | 7 · साझेदार और अनुबंध | अच्छा | |
| शनि, 7 नव॰ | 7 · साझेदार और अनुबंध | अच्छा | |
| रवि, 8 नव॰ | 7 → 8 · साझा धन और बदलाव | कठिन | |
| सोम, 9 नव॰ | 8 · साझा धन और बदलाव | अमावस्या | कठिन |
| मंगल, 10 नव॰ | 8 → 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाई | शुक्र ⚹ मंगल | अच्छा |
| बुध, 11 नव॰ | 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाई | संतुलित | |
| गुरु, 12 नव॰ | 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाई | संतुलित | |
| शुक्र, 13 नव॰ | 9 → 10 · करियर और प्रतिष्ठा | बुध: मार्गी होता है | संतुलित |
| शनि, 14 नव॰ | 10 · करियर और प्रतिष्ठा | शुक्र: मार्गी होता है | अच्छा |
| रवि, 15 नव॰ | 10 → 11 · मित्र और योजनाएँ | अच्छा | |
| सोम, 16 नव॰ | 11 · मित्र और योजनाएँ | मंगल ☌ बृहस्पति | अच्छा |
| मंगल, 17 नव॰ | 11 · मित्र और योजनाएँ | अच्छा | |
| बुध, 18 नव॰ | 11 → 12 · विश्राम और एकांत | सूर्य □ बृहस्पति | कठिन |
| गुरु, 19 नव॰ | 12 · विश्राम और एकांत | सूर्य □ मंगल | कठिन |
| शुक्र, 20 नव॰ | 12 → 1 · व्यक्तित्व और सेहत | अच्छा | |
| शनि, 21 नव॰ | 1 · व्यक्तित्व और सेहत | अच्छा | |
| रवि, 22 नव॰ | 1 → 2 · धन और संपत्ति | सूर्य → धनु | अच्छा |
| सोम, 23 नव॰ | 2 · धन और संपत्ति | अच्छा | |
| मंगल, 24 नव॰ | 2 → 3 · संवाद और यात्राएँ | सूर्य △ नेपच्यून; पूर्णिमा | अच्छा |
| बुध, 25 नव॰ | 3 · संवाद और यात्राएँ | सूर्य ⚹ प्लूटो | अच्छा |
| गुरु, 26 नव॰ | 3 → 4 · घर और परिवार | सूर्य ☍ यूरेनस; मंगल → कन्या | अच्छा |
| शुक्र, 27 नव॰ | 4 · घर और परिवार | अच्छा | |
| शनि, 28 नव॰ | 4 → 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकता | शुक्र ⚹ बृहस्पति | अच्छा |
| रवि, 29 नव॰ | 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकता | अच्छा | |
| सोम, 30 नव॰ | 5 → 6 · काम और स्वास्थ्य | सूर्य △ शनि | अच्छा |
दिन का आकलन परंपरा के नियमों के अनुसार अंकों का योग है: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ और वक्री गति, पहलू, ठहराव, उस दिन की अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।
यह राशिफल कैसे बनाया गया है
मासिक राशिफल महीने की पहली से आख़िरी तारीख़ तक आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है: सूर्य और ग्रहों का नई राशियों में जाना, बुध, शुक्र, मंगल और बाहरी ग्रहों का वक्री-मार्गी होना, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और महीने की सभी सटीक दृष्टियाँ। स्थितियाँ JPL DE421 एफ़ेमेरिस से ली गई हैं।
घटनाओं को सौर भावों के नियम से आपकी राशि की भाषा में बदला जाता है: मेष — पहला भाव, अगली राशि — दूसरा, और इसी तरह आगे। क्षेत्रों का अलग-अलग विश्लेषण किया गया है: प्रेम — शुक्र और मंगल से, काम — मंगल, शनि और बुध से, धन — बृहस्पति और शुक्र से, ऊर्जा — मंगल, शनि और चंद्रमा से।
हर क्षेत्र के शुभ दिन — सबसे ज़्यादा अंकों वाले दिन: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, उनका वक्री होना, सटीक दृष्टियाँ, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण। “दिनवार” तालिका में महीने के हर दिन का आकलन और वे घटनाएँ दिखती हैं जिनसे वह बना।
मेष का स्वामी
राशि का स्वामी — मंगल। परंपरा के अनुसार मेष के लिए उसकी स्थिति और दृष्टियाँ दूसरी राशियों से ज़्यादा मायने रखती हैं: स्वामी की शुभ दृष्टियाँ पूरी अवधि को मज़बूत करती हैं, तनावपूर्ण — उसे कठिन बनाती हैं।
मेष राशिफल — दूसरी अवधियों के लिए
यह पाठ सभी मेष राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — मेष पेज पर।