मिथुन मासिक राशिफल
मिथुन (21 मई — 20 जून) का इस महीने का राशिफल। यह आकाश की वास्तविक घटनाओं — ग्रहों के राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होने, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहणों और दृष्टियों — से बना है और महीने का क्षेत्रवार और दिनवार विश्लेषण करता है।
महीना संक्षेप में
सूर्य छठे भाव में: काम का महीना। परंपरा के अनुसार — ज़िम्मेदारियाँ, कामकाज में व्यवस्था और सेहत पर ध्यान।
परंपरा के अनुसार अवधि का स्वर हल्का है: सामंजस्यपूर्ण पहलू (6) तनावपूर्ण पहलुओं (3) से साफ़ तौर पर ज़्यादा हैं। काम आगे बढ़ाने और जो चाहिए वह माँगने का अच्छा समय।
सोम, 9 नवंबर, 12:33 बजे — अमावस्या — वृश्चिक में, छठा भाव। छठे भाव में अमावस्या काम और सेहत में नया चक्र शुरू करती है। परंपरा के अनुसार ज़िम्मेदारियों को व्यवस्थित करने, दिनचर्या बदलने, इलाज या व्यायाम कार्यक्रम शुरू करने या नौकरी खोजने का समय।
शुक्र, 13 नवंबर, 21:27 बजे — बुध ठहरकर फिर मार्गी होता है (वृश्चिक में, छठा भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — काम और स्वास्थ्य — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।
शनि, 14 नवंबर, 5:59 बजे — शुक्र ठहरकर फिर मार्गी होता है (तुला में, पाँचवाँ भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — प्रेम, संतान, रचनात्मकता — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।
रवि, 22 नवंबर, 12:54 बजे — सूर्य राशि बदलता है: अब धनु में, सातवाँ भाव। सूर्य सातवें भाव में: साझेदारों का महीना। परंपरा के अनुसार केंद्र में रिश्ते, अनुबंध और दूसरे लोग हैं।
मंगल, 24 नवंबर, 20:24 बजे — पूर्णिमा — मिथुन में, पहला भाव। आपकी राशि में पूर्णिमा निजी शक्ति और भावनाओं का शिखर है। परंपरा के अनुसार दिखता है कि पिछले महीनों की मेहनत कहाँ तक पहुँची; रिश्तों (सामने का सातवाँ भाव) में संतुलन चाहिए — सब कुछ अपनी ओर न खींचें।
गुरु, 26 नवंबर, 5:08 बजे — मंगल राशि बदलता है: अब कन्या में, चौथा भाव। मंगल चौथे भाव में: मरम्मत, फेरबदल और परिवार में तनाव।
समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ, पहलू और ग्रहण — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव राशि से गिने जाते हैं: राशि स्वयं पहला भाव है, अगली दूसरा, और इसी तरह आगे। अच्छे और कठिन दिन परंपरा के नियमों से चुने गए हैं: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, दिन के पहलू, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।
प्रेम और रिश्ते
पाँचवें भाव में शुक्र परंपरा के अनुसार रोमांस की सबसे अच्छी स्थिति है: मुलाक़ातें, प्यार में पड़ना, आनंद, उपहार। अगर आप अकेले हैं, तो यह किसी से मिलने का समय है।
शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।
26 नवंबर तक। तीसरे भाव में मंगल: तीखे शब्द — नोकझोंक और कड़वे संदेश। परंपरा के अनुसार रिश्ते की उलझनें लिखकर न सुलझाएँ।
26 नवंबर से। चौथे भाव में मंगल: घर में तनाव, रोज़मर्रा की बातों पर परिवार में बहस। परंपरा के अनुसार भड़ास काम से निकालें — मरम्मत, सफ़ाई, खेल।
अवधि के पहलू: 4 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण); 10 नव॰ — शुक्र ⚹ मंगल (सामंजस्यपूर्ण); 28 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण)।
अच्छे दिन
- मंगल, 24 नवंबर — सूर्य △ नेपच्यून
- बुध, 25 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव; सूर्य ⚹ प्लूटो
- शनि, 28 नवंबर — शुक्र ⚹ बृहस्पति
- सोम, 30 नवंबर — सूर्य △ शनि
काम और करियर
26 नवंबर तक। तीसरे भाव में मंगल: बहुत सी बातचीत, यात्राएँ और कॉल; परंपरा के अनुसार तीखे ईमेल और छोटे-मोटे विवादों का जोखिम ज़्यादा।
26 नवंबर से। चौथे भाव में मंगल: घर से काम या संपत्ति से जुड़े मामले। परंपरा के अनुसार ऊर्जा घर और करियर में बँट जाती है।
ग्यारहवें भाव में शनि: पेशेवर संपर्क सिमटकर भरोसेमंद लोगों तक रह जाते हैं। परंपरा के अनुसार यथार्थवादी योजनाओं और लंबी साझा परियोजनाओं का समय।
बुध छठे भाव में: काम की बारीकियाँ, समय-सारणियाँ, सहकर्मियों से पत्राचार, दस्तावेज़ों में व्यवस्था।
बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।
छठा भाव (काम और स्वास्थ्य): सूर्य, बुध।
9 नवंबर को अमावस्या — आपका छठा भाव: काम और स्वास्थ्य।
अवधि के पहलू: 18 नव॰ — सूर्य □ बृहस्पति (तनावपूर्ण); 19 नव॰ — सूर्य □ मंगल (तनावपूर्ण); 24 नव॰ — सूर्य △ नेपच्यून (सामंजस्यपूर्ण); 25 नव॰ — सूर्य ⚹ प्लूटो (सामंजस्यपूर्ण); 26 नव॰ — सूर्य ☍ यूरेनस (तनावपूर्ण); 30 नव॰ — सूर्य △ शनि (सामंजस्यपूर्ण)।
अच्छे दिन
- मंगल, 10 नवंबर — चंद्रमा — छठा भाव; शुक्र ⚹ मंगल
- शुक्र, 20 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव
- शनि, 21 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव
- बुध, 25 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव; सूर्य ⚹ प्लूटो
धन
तीसरे भाव में बृहस्पति: संवाद, बिक्री, पढ़ाने और यात्राओं से पैसा। परंपरा के अनुसार क़रीबी लोगों के साथ सौदे सफल होते हैं।
पाँचवें भाव में शुक्र: आनंद, मुलाक़ातों, बच्चों, मनोरंजन पर ख़र्च। परंपरा के अनुसार योजना से ज़्यादा ख़र्च करने का प्रलोभन।
ग्यारहवाँ भाव (मित्र और योजनाएँ): शनि।
अच्छे दिन
- शुक्र, 20 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव
- शनि, 21 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव
- शुक्र, 27 नवंबर — चंद्रमा — दूसरा भाव
- शनि, 28 नवंबर — चंद्रमा — दूसरा भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति
सेहत और ऊर्जा
26 नवंबर तक। तीसरे भाव में मंगल: परंपरा के अनुसार सड़क पर और गाड़ी चलाते समय ज़्यादा सावधान रहें; बाँहों और कंधों का ध्यान रखें और नसों पर ज़्यादा बोझ न डालें।
26 नवंबर से। चौथे भाव में मंगल: घर की चिड़चिड़ाहट आराम में बाधा डालती है। परंपरा के अनुसार मरम्मत के दौरान आग और बिजली से सावधान रहें; पेट का ध्यान रखें।
ग्यारहवें भाव में शनि: परंपरा के अनुसार रक्त वाहिकाओं और पिंडलियों का ध्यान रखें; नियमित टहलना मदद करता है।
9 नवंबर को अमावस्या — आपका छठा भाव: काम और स्वास्थ्य।
24 नवंबर को पूर्णिमा — आपका पहला भाव: व्यक्तित्व और सेहत।
जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवें या बारहवें भाव में होता है, तो परंपरा के अनुसार वह ताक़त खींचता है — इन दिनों आराम करें; पहले भाव में और पाँचवें व नौवें में (आपकी राशि से त्रिकोण) ऊर्जा सबसे ज़्यादा होती है।
अच्छे दिन
- शुक्र, 20 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव
- शनि, 21 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव
- रवि, 22 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव
- बुध, 25 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव; सूर्य ⚹ प्लूटो
कठिन दिन
- शुक्र, 13 नवंबर — चंद्रमा — आठवाँ भाव; बुध: मार्गी होता है
ये सेहत के बारे में ज्योतिषीय सुझाव हैं, चिकित्सा सलाह नहीं: तबीयत ठीक न लगे तो डॉक्टर से मिलें।
महीने के पहलू
| तारीख़ | पहलू | भाव |
|---|---|---|
| 4 नव॰ | शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 5 · 3 |
| 4 नव॰ | सूर्य ☌ बुध · युति | 6 · 6 |
| 10 नव॰ | शुक्र ⚹ मंगल · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 5 · 3 |
| 16 नव॰ | मंगल ☌ बृहस्पति · युति | 3 · 3 |
| 18 नव॰ | सूर्य □ बृहस्पति · केंद्र तनावपूर्ण | 6 · 3 |
| 19 नव॰ | सूर्य □ मंगल · केंद्र तनावपूर्ण | 6 · 3 |
| 24 नव॰ | सूर्य △ नेपच्यून · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण | 7 · 11 |
| 25 नव॰ | सूर्य ⚹ प्लूटो · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 7 · 9 |
| 26 नव॰ | सूर्य ☍ यूरेनस · प्रतियुति तनावपूर्ण | 7 · 1 |
| 28 नव॰ | शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण | 5 · 3 |
| 30 नव॰ | सूर्य △ शनि · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण | 7 · 11 |
भाव — आपकी राशि से गिने गए उन भावों की संख्या, जिनमें ग्रह स्थित हैं। सामंजस्यपूर्ण पहलू षडांश और त्रिकोण हैं (और शुक्र या बृहस्पति से युति); तनावपूर्ण — केंद्र और प्रतियुति (और मंगल या शनि से युति)।
दिन-ब-दिन
| दिन | चंद्रमा का भाव | घटनाएँ | आकलन |
|---|---|---|---|
| रवि, 1 नव॰ | 2 → 3 · संवाद और यात्राएँ | अच्छा | |
| सोम, 2 नव॰ | 3 · संवाद और यात्राएँ | अच्छा | |
| मंगल, 3 नव॰ | 3 → 4 · घर और परिवार | अच्छा | |
| बुध, 4 नव॰ | 4 · घर और परिवार | शुक्र ⚹ बृहस्पति; सूर्य ☌ बुध | अच्छा |
| गुरु, 5 नव॰ | 4 → 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकता | अच्छा | |
| शुक्र, 6 नव॰ | 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकता | अच्छा | |
| शनि, 7 नव॰ | 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकता | अच्छा | |
| रवि, 8 नव॰ | 5 → 6 · काम और स्वास्थ्य | अच्छा | |
| सोम, 9 नव॰ | 6 · काम और स्वास्थ्य | अमावस्या | अच्छा |
| मंगल, 10 नव॰ | 6 → 7 · साझेदार और अनुबंध | शुक्र ⚹ मंगल | अच्छा |
| बुध, 11 नव॰ | 7 · साझेदार और अनुबंध | अच्छा | |
| गुरु, 12 नव॰ | 7 · साझेदार और अनुबंध | अच्छा | |
| शुक्र, 13 नव॰ | 7 → 8 · साझा धन और बदलाव | बुध: मार्गी होता है | कठिन |
| शनि, 14 नव॰ | 8 · साझा धन और बदलाव | शुक्र: मार्गी होता है | संतुलित |
| रवि, 15 नव॰ | 8 → 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाई | अच्छा | |
| सोम, 16 नव॰ | 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाई | मंगल ☌ बृहस्पति | अच्छा |
| मंगल, 17 नव॰ | 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाई | अच्छा | |
| बुध, 18 नव॰ | 9 → 10 · करियर और प्रतिष्ठा | सूर्य □ बृहस्पति | अच्छा |
| गुरु, 19 नव॰ | 10 · करियर और प्रतिष्ठा | सूर्य □ मंगल | अच्छा |
| शुक्र, 20 नव॰ | 10 → 11 · मित्र और योजनाएँ | अच्छा | |
| शनि, 21 नव॰ | 11 · मित्र और योजनाएँ | अच्छा | |
| रवि, 22 नव॰ | 11 → 12 · विश्राम और एकांत | सूर्य → धनु | अच्छा |
| सोम, 23 नव॰ | 12 · विश्राम और एकांत | संतुलित | |
| मंगल, 24 नव॰ | 12 → 1 · व्यक्तित्व और सेहत | सूर्य △ नेपच्यून; पूर्णिमा | अच्छा |
| बुध, 25 नव॰ | 1 · व्यक्तित्व और सेहत | सूर्य ⚹ प्लूटो | अच्छा |
| गुरु, 26 नव॰ | 1 → 2 · धन और संपत्ति | सूर्य ☍ यूरेनस; मंगल → कन्या | अच्छा |
| शुक्र, 27 नव॰ | 2 · धन और संपत्ति | अच्छा | |
| शनि, 28 नव॰ | 2 → 3 · संवाद और यात्राएँ | शुक्र ⚹ बृहस्पति | अच्छा |
| रवि, 29 नव॰ | 3 · संवाद और यात्राएँ | अच्छा | |
| सोम, 30 नव॰ | 3 → 4 · घर और परिवार | सूर्य △ शनि | अच्छा |
दिन का आकलन परंपरा के नियमों के अनुसार अंकों का योग है: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ और वक्री गति, पहलू, ठहराव, उस दिन की अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।
यह राशिफल कैसे बनाया गया है
मासिक राशिफल महीने की पहली से आख़िरी तारीख़ तक आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है: सूर्य और ग्रहों का नई राशियों में जाना, बुध, शुक्र, मंगल और बाहरी ग्रहों का वक्री-मार्गी होना, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और महीने की सभी सटीक दृष्टियाँ। स्थितियाँ JPL DE421 एफ़ेमेरिस से ली गई हैं।
घटनाओं को सौर भावों के नियम से आपकी राशि की भाषा में बदला जाता है: मिथुन — पहला भाव, अगली राशि — दूसरा, और इसी तरह आगे। क्षेत्रों का अलग-अलग विश्लेषण किया गया है: प्रेम — शुक्र और मंगल से, काम — मंगल, शनि और बुध से, धन — बृहस्पति और शुक्र से, ऊर्जा — मंगल, शनि और चंद्रमा से।
हर क्षेत्र के शुभ दिन — सबसे ज़्यादा अंकों वाले दिन: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, उनका वक्री होना, सटीक दृष्टियाँ, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण। “दिनवार” तालिका में महीने के हर दिन का आकलन और वे घटनाएँ दिखती हैं जिनसे वह बना।
मिथुन का स्वामी
राशि का स्वामी — बुध। परंपरा के अनुसार मिथुन के लिए उसकी स्थिति और दृष्टियाँ दूसरी राशियों से ज़्यादा मायने रखती हैं: स्वामी की शुभ दृष्टियाँ पूरी अवधि को मज़बूत करती हैं, तनावपूर्ण — उसे कठिन बनाती हैं।
मिथुन राशिफल — दूसरी अवधियों के लिए
यह पाठ सभी मिथुन राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — मिथुन पेज पर।