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हर महीने

वृषभ मासिक राशिफल

वृषभ (20 अप्रैल — 20 मई) के लिए चालू महीने का राशिफल। यह आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है — ग्रहों के राशि परिवर्तन, वक्री और मार्गी होना, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और पहलू — और महीने का विश्लेषण जीवन के क्षेत्रों और दिनों के अनुसार करता है।

वृषभ · मासिक राशिफल
7 → 8सूर्य का भाव
10, 24, 25अच्छे दिन
—कठिन दिन

महीना संक्षेप में

सूर्य सातवें भाव में: साझेदारों का महीना। परंपरा के अनुसार केंद्र में रिश्ते, अनुबंध और दूसरे लोग हैं।

परंपरा के अनुसार अवधि का स्वर हल्का है: सामंजस्यपूर्ण पहलू (6) तनावपूर्ण पहलुओं (3) से साफ़ तौर पर ज़्यादा हैं। काम आगे बढ़ाने और जो चाहिए वह माँगने का अच्छा समय।

सोम, 9 नवंबर, 12:33 बजे — अमावस्या — वृश्चिक में, सातवाँ भाव। सातवें भाव में अमावस्या नए गठबंधनों का समय है। परंपरा के अनुसार यह मेल-मिलाप, सुलह, अनुबंध पर हस्ताक्षर और साझा काम शुरू करने के लिए अनुकूल है।

शुक्र, 13 नवंबर, 21:27 बजे — बुध ठहरकर फिर मार्गी होता है (वृश्चिक में, सातवाँ भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — साझेदार और अनुबंध — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।

शनि, 14 नवंबर, 5:59 बजे — शुक्र ठहरकर फिर मार्गी होता है (तुला में, छठा भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — काम और स्वास्थ्य — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।

रवि, 22 नवंबर, 12:54 बजे — सूर्य राशि बदलता है: अब धनु में, आठवाँ भाव। सूर्य आठवें भाव में: बदलावों का महीना। परंपरा इसे साझा धन, क़र्ज़ और उन चीज़ों से जोड़ती है, जिन्हें छोड़ देने का समय आ गया है।

मंगल, 24 नवंबर, 20:24 बजे — पूर्णिमा — मिथुन में, दूसरा भाव। दूसरे भाव में पूर्णिमा धन के मामलों को निर्णायक मोड़ पर लाती है: आय आती है या ख़र्च सामने आते हैं। परंपरा के अनुसार वित्तीय हिसाब-किताब करने और आवेगी ख़रीदारी से बचने का समय।

गुरु, 26 नवंबर, 5:08 बजे — मंगल राशि बदलता है: अब कन्या में, पाँचवाँ भाव। मंगल पाँचवें भाव में: जुनून, जोश, खेल-कूद; परंपरा के अनुसार — जोखिम लेने का झुकाव।

समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ, पहलू और ग्रहण — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव राशि से गिने जाते हैं: राशि स्वयं पहला भाव है, अगली दूसरा, और इसी तरह आगे। अच्छे और कठिन दिन परंपरा के नियमों से चुने गए हैं: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, दिन के पहलू, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।

प्रेम और रिश्ते

शुक्र — तुला में, छठा भाव वक्री

छठे भाव में शुक्र: दफ़्तर में रोमांस, परवाह ही प्रेम की भाषा। परंपरा के अनुसार भावनाएँ छोटी बातों में दिखती हैं — रिश्ते को कामों की सूची न बनाएँ।

शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।

मंगल — सिंह में, चौथा भाव; 26 नवंबर से — कन्या में, पाँचवाँ भाव

26 नवंबर तक। चौथे भाव में मंगल: घर में तनाव, रोज़मर्रा की बातों पर परिवार में बहस। परंपरा के अनुसार भड़ास काम से निकालें — मरम्मत, सफ़ाई, खेल।

26 नवंबर से। पाँचवें भाव में मंगल परंपरा के अनुसार जुनून का समय है: तीव्र आकर्षण, प्रेम-निवेदन का रोमांच, जीवंत मुलाक़ातें। जोखिम — ईर्ष्या और आवेगी कदम।

9 नवंबर को अमावस्या — आपका सातवाँ भाव: साझेदार और अनुबंध।

अवधि के पहलू: 4 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण); 10 नव॰ — शुक्र ⚹ मंगल (सामंजस्यपूर्ण); 28 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण)।

अच्छे दिन

  • बुध, 4 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति
  • मंगल, 10 नवंबर — चंद्रमा — सातवाँ भाव; शुक्र ⚹ मंगल
  • सोम, 23 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
  • मंगल, 24 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव

काम और करियर

मंगल — सिंह में, चौथा भाव; 26 नवंबर से — कन्या में, पाँचवाँ भाव

26 नवंबर तक। चौथे भाव में मंगल: घर से काम या संपत्ति से जुड़े मामले। परंपरा के अनुसार ऊर्जा घर और करियर में बँट जाती है।

26 नवंबर से। पाँचवें भाव में मंगल: उत्साह और रचनात्मक जोश। परंपरा के अनुसार उन परियोजनाओं के लिए अच्छा जिन्हें गति चाहिए, सट्टेबाज़ी के लिए जोखिम भरा।

शनि — मेष में, बारहवाँ भाव वक्री

बारहवें भाव में शनि: परंपरा के अनुसार पुरानी परियोजनाएँ समेटने, बिना दिखावे के काम करने और उस नए चक्र की तैयारी का समय, जो शनि के आपकी राशि में आने पर शुरू होगा।

बुध — वृश्चिक में, सातवाँ भाव वक्री

बुध सातवें भाव में: वार्ताएँ, अनुबंध और साझेदारों से बातचीत।

बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।

छठा भाव (काम और स्वास्थ्य): शुक्र।

अवधि के पहलू: 18 नव॰ — सूर्य □ बृहस्पति (तनावपूर्ण); 19 नव॰ — सूर्य □ मंगल (तनावपूर्ण); 24 नव॰ — सूर्य △ नेपच्यून (सामंजस्यपूर्ण); 25 नव॰ — सूर्य ⚹ प्लूटो (सामंजस्यपूर्ण); 26 नव॰ — सूर्य ☍ यूरेनस (तनावपूर्ण); 30 नव॰ — सूर्य △ शनि (सामंजस्यपूर्ण)।

अच्छे दिन

  • मंगल, 10 नवंबर — चंद्रमा — सातवाँ भाव; शुक्र ⚹ मंगल
  • मंगल, 24 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव; सूर्य △ नेपच्यून
  • बुध, 25 नवंबर — सूर्य ⚹ प्लूटो
  • शनि, 28 नवंबर — चंद्रमा — तीसरा भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति

धन

बृहस्पति — सिंह में, चौथा भाव

चौथे भाव में बृहस्पति: संपत्ति में भाग्य — ख़रीद, घर का विस्तार, परिवार से मदद। परंपरा के अनुसार पैसा घर की ओर बहता है।

शुक्र — तुला में, छठा भाव वक्री

छठे भाव में शुक्र: परंपरा के अनुसार काम पर अच्छे संबंध वित्त में मदद करते हैं; ख़र्च सेहत और अपनी देखभाल पर जाता है।

आठवाँ भाव (साझा धन और बदलाव): सूर्य।

24 नवंबर को पूर्णिमा — आपका दूसरा भाव: धन और संपत्ति।

अच्छे दिन

  • मंगल, 24 नवंबर — सूर्य △ नेपच्यून
  • बुध, 25 नवंबर — चंद्रमा — दूसरा भाव; सूर्य ⚹ प्लूटो
  • शनि, 28 नवंबर — शुक्र ⚹ बृहस्पति
  • सोम, 30 नवंबर — सूर्य △ शनि

सेहत और ऊर्जा

26 नवंबर तक। चौथे भाव में मंगल: घर की चिड़चिड़ाहट आराम में बाधा डालती है। परंपरा के अनुसार मरम्मत के दौरान आग और बिजली से सावधान रहें; पेट का ध्यान रखें।

26 नवंबर से। पाँचवें भाव में मंगल: ऊर्जा बढ़ रही है — परंपरा के अनुसार खेल और सक्रिय आराम के लिए अच्छा, पर जोखिम भरे खेलों और दिल पर ज़ोर से सावधान रहें।

बारहवें भाव में शनि: परंपरा के अनुसार पहले से अपना ख़याल रखने का समय — नींद, आराम, बचाव, ख़ासकर पैरों और रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए।

जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवें या बारहवें भाव में होता है, तो परंपरा के अनुसार वह ताक़त खींचता है — इन दिनों आराम करें; पहले भाव में और पाँचवें व नौवें में (आपकी राशि से त्रिकोण) ऊर्जा सबसे ज़्यादा होती है।

अच्छे दिन

  • बुध, 4 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति
  • मंगल, 10 नवंबर — शुक्र ⚹ मंगल
  • सोम, 23 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
  • मंगल, 24 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव; सूर्य △ नेपच्यून

कठिन दिन

इस अवधि में कठिन दिन नहीं हैं।

ये सेहत के बारे में ज्योतिषीय सुझाव हैं, चिकित्सा सलाह नहीं: तबीयत ठीक न लगे तो डॉक्टर से मिलें।

महीने के पहलू

तारीख़पहलूभाव
4 नव॰शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण6 · 4
4 नव॰सूर्य ☌ बुध · युति7 · 7
10 नव॰शुक्र ⚹ मंगल · षडांश सामंजस्यपूर्ण6 · 4
16 नव॰मंगल ☌ बृहस्पति · युति4 · 4
18 नव॰सूर्य □ बृहस्पति · केंद्र तनावपूर्ण7 · 4
19 नव॰सूर्य □ मंगल · केंद्र तनावपूर्ण7 · 4
24 नव॰सूर्य △ नेपच्यून · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण8 · 12
25 नव॰सूर्य ⚹ प्लूटो · षडांश सामंजस्यपूर्ण8 · 10
26 नव॰सूर्य ☍ यूरेनस · प्रतियुति तनावपूर्ण8 · 2
28 नव॰शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण6 · 4
30 नव॰सूर्य △ शनि · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण8 · 12

भाव — आपकी राशि से गिने गए उन भावों की संख्या, जिनमें ग्रह स्थित हैं। सामंजस्यपूर्ण पहलू षडांश और त्रिकोण हैं (और शुक्र या बृहस्पति से युति); तनावपूर्ण — केंद्र और प्रतियुति (और मंगल या शनि से युति)।

दिन-ब-दिन

दिनचंद्रमा का भावघटनाएँआकलन
रवि, 1 नव॰3 → 4 · घर और परिवारअच्छा
सोम, 2 नव॰4 · घर और परिवारअच्छा
मंगल, 3 नव॰4 → 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकताअच्छा
बुध, 4 नव॰5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकताशुक्र ⚹ बृहस्पति; सूर्य ☌ बुधअच्छा
गुरु, 5 नव॰5 → 6 · काम और स्वास्थ्यअच्छा
शुक्र, 6 नव॰6 · काम और स्वास्थ्यअच्छा
शनि, 7 नव॰6 · काम और स्वास्थ्यअच्छा
रवि, 8 नव॰6 → 7 · साझेदार और अनुबंधअच्छा
सोम, 9 नव॰7 · साझेदार और अनुबंधअमावस्याअच्छा
मंगल, 10 नव॰7 → 8 · साझा धन और बदलावशुक्र ⚹ मंगलअच्छा
बुध, 11 नव॰8 · साझा धन और बदलावसंतुलित
गुरु, 12 नव॰8 · साझा धन और बदलावसंतुलित
शुक्र, 13 नव॰8 → 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाईबुध: मार्गी होता हैसंतुलित
शनि, 14 नव॰9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाईशुक्र: मार्गी होता हैअच्छा
रवि, 15 नव॰9 → 10 · करियर और प्रतिष्ठाअच्छा
सोम, 16 नव॰10 · करियर और प्रतिष्ठामंगल ☌ बृहस्पतिअच्छा
मंगल, 17 नव॰10 · करियर और प्रतिष्ठाअच्छा
बुध, 18 नव॰10 → 11 · मित्र और योजनाएँसूर्य □ बृहस्पतिअच्छा
गुरु, 19 नव॰11 · मित्र और योजनाएँसूर्य □ मंगलअच्छा
शुक्र, 20 नव॰11 → 12 · विश्राम और एकांतसंतुलित
शनि, 21 नव॰12 · विश्राम और एकांतसंतुलित
रवि, 22 नव॰12 → 1 · व्यक्तित्व और सेहतसूर्य → धनुसंतुलित
सोम, 23 नव॰1 · व्यक्तित्व और सेहतअच्छा
मंगल, 24 नव॰1 → 2 · धन और संपत्तिसूर्य △ नेपच्यून; पूर्णिमाअच्छा
बुध, 25 नव॰2 · धन और संपत्तिसूर्य ⚹ प्लूटोअच्छा
गुरु, 26 नव॰2 → 3 · संवाद और यात्राएँसूर्य ☍ यूरेनस; मंगल → कन्यासंतुलित
शुक्र, 27 नव॰3 · संवाद और यात्राएँअच्छा
शनि, 28 नव॰3 → 4 · घर और परिवारशुक्र ⚹ बृहस्पतिअच्छा
रवि, 29 नव॰4 · घर और परिवारअच्छा
सोम, 30 नव॰4 → 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकतासूर्य △ शनिअच्छा

दिन का आकलन परंपरा के नियमों के अनुसार अंकों का योग है: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ और वक्री गति, पहलू, ठहराव, उस दिन की अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।

यह राशिफल कैसे बनाया गया है

मासिक राशिफल महीने की पहली से आख़िरी तारीख़ तक आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है: सूर्य और ग्रहों का नई राशियों में जाना, बुध, शुक्र, मंगल और बाहरी ग्रहों का वक्री-मार्गी होना, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और महीने की सभी सटीक दृष्टियाँ। स्थितियाँ JPL DE421 एफ़ेमेरिस से ली गई हैं।

घटनाओं को सौर भावों के नियम से आपकी राशि की भाषा में ढाला जाता है: वृषभ — पहला भाव, अगली राशि — दूसरा, और इसी तरह आगे। जीवन के क्षेत्रों का विश्लेषण अलग-अलग है: प्रेम — शुक्र और मंगल से, काम — मंगल, शनि और बुध से, धन — बृहस्पति और शुक्र से, ऊर्जा — मंगल, शनि और चंद्रमा से।

हर क्षेत्र के शुभ दिन — सबसे ज़्यादा अंकों वाले दिन: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, उनका वक्री होना, सटीक दृष्टियाँ, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण। “दिनवार” तालिका में महीने के हर दिन का आकलन और वे घटनाएँ दिखती हैं जिनसे वह बना।

वृषभ का स्वामी ग्रह

राशि का स्वामी ग्रह — शुक्र। परंपरा के अनुसार वृषभ के लिए इसकी स्थिति और पहलू अन्य राशियों की तुलना में अधिक मायने रखते हैं: स्वामी ग्रह के शुभ पहलू पूरी अवधि को मज़बूत करते हैं, तनावपूर्ण पहलू उसे कठिन बनाते हैं।

वृषभ राशिफल — अन्य अवधियों के लिए

यह पाठ सभी वृषभ राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — वृषभ पेज पर।

दूसरी राशियों का मासिक राशिफल