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हर महीने

मकर मासिक राशिफल

मकर (22 दिसंबर — 19 जनवरी) का इस महीने का राशिफल। यह आकाश की वास्तविक घटनाओं — ग्रहों के राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होने, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहणों और दृष्टियों — से बना है और महीने का क्षेत्रवार और दिनवार विश्लेषण करता है।

मकर · मासिक राशिफल
11 → 12सूर्य का भाव
10, 15, 28अच्छे दिन
11, 12कठिन दिन

महीना संक्षेप में

सूर्य ग्यारहवें भाव में: मित्रों का महीना — मंडलियाँ, साझा परियोजनाएँ और भविष्य की योजनाएँ।

परंपरा के अनुसार अवधि का स्वर हल्का है: सामंजस्यपूर्ण पहलू (6) तनावपूर्ण पहलुओं (3) से साफ़ तौर पर ज़्यादा हैं। काम आगे बढ़ाने और जो चाहिए वह माँगने का अच्छा समय।

सोम, 9 नवंबर, 12:33 बजे — अमावस्या — वृश्चिक में, ग्यारहवाँ भाव। ग्यारहवें भाव में अमावस्या नए दोस्तों और योजनाओं का समय है। परंपरा के अनुसार समुदायों से जुड़ने, समान सोच वाले लोगों को खोजने और आने वाले साल के लक्ष्य तय करने के लिए अनुकूल।

शुक्र, 13 नवंबर, 21:27 बजे — बुध ठहरकर फिर मार्गी होता है (वृश्चिक में, ग्यारहवाँ भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — मित्र और योजनाएँ — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।

शनि, 14 नवंबर, 5:59 बजे — शुक्र ठहरकर फिर मार्गी होता है (तुला में, दसवाँ भाव)। परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र — करियर और प्रतिष्ठा — में अटके काम फिर चल पड़ते हैं, पर रफ़्तार पकड़ने में अभी एक-दो हफ़्ते लगेंगे।

रवि, 22 नवंबर, 12:54 बजे — सूर्य राशि बदलता है: अब धनु में, बारहवाँ भाव। सूर्य बारहवें भाव में: जन्मदिन से पहले का आख़िरी महीना। परंपरा के अनुसार — अब तक का जायज़ा लेने, आराम करने और नए चक्र की तैयारी का समय।

मंगल, 24 नवंबर, 20:24 बजे — पूर्णिमा — मिथुन में, छठा भाव। छठे भाव में पूर्णिमा काम के बोझ का हिसाब देती है: परंपरा के अनुसार दिखाती है कि कहाँ आपने ज़रूरत से ज़्यादा काम किया। अधूरे काम निपटाने और शरीर की सुनने का समय।

गुरु, 26 नवंबर, 5:08 बजे — मंगल राशि बदलता है: अब कन्या में, नौवाँ भाव। मंगल नौवें भाव में: यात्राओं, पढ़ाई और विश्वासों पर बहस के लिए ऊर्जा।

समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30)। ग्रहों की स्थितियाँ, पहलू और ग्रहण — JPL DE421 एफ़ेमेरिस के अनुसार। भाव राशि से गिने जाते हैं: राशि स्वयं पहला भाव है, अगली दूसरा, और इसी तरह आगे। अच्छे और कठिन दिन परंपरा के नियमों से चुने गए हैं: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, दिन के पहलू, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।

प्रेम और रिश्ते

शुक्र — तुला में, दसवाँ भाव वक्री

दसवें भाव में शुक्र: सबकी नज़रों के सामने रोमांस या उम्र और पद में बड़े व्यक्ति से संबंध। परंपरा के अनुसार रिश्ता आपकी प्रतिष्ठा पर असर डालता है — गरिमा से पेश आएँ।

शुक्र इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार — पुराने रिश्तों और ख़र्चों पर लौटने का समय; कुछ नया — प्रेम-संबंध, बड़ी ख़रीदारी, शादी — उसके फिर से मार्गी होने के बाद शुरू करने की सलाह दी जाती है।

मंगल — सिंह में, आठवाँ भाव; 26 नवंबर से — कन्या में, नौवाँ भाव

26 नवंबर तक। आठवें भाव में मंगल: तीव्र जुनून और नियंत्रण की खींचतान। परंपरा के अनुसार दबाव न डालना और ईर्ष्या न करना ज़रूरी है; अंतरंगता सामने आती है।

26 नवंबर से। नौवें भाव में मंगल: विचारों और सिद्धांतों पर बहस, साथ में रोमांच की चाह। परंपरा के अनुसार कौन सही है इस पर बहस से बेहतर है साथ में यात्रा।

अवधि के पहलू: 4 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण); 10 नव॰ — शुक्र ⚹ मंगल (सामंजस्यपूर्ण); 28 नव॰ — शुक्र ⚹ बृहस्पति (सामंजस्यपूर्ण)।

अच्छे दिन

  • सोम, 23 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव
  • मंगल, 24 नवंबर — चंद्रमा — पाँचवाँ भाव
  • शुक्र, 27 नवंबर — चंद्रमा — सातवाँ भाव
  • शनि, 28 नवंबर — चंद्रमा — सातवाँ भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति

काम और करियर

मंगल — सिंह में, आठवाँ भाव; 26 नवंबर से — कन्या में, नौवाँ भाव

26 नवंबर तक। आठवें भाव में मंगल: संसाधनों, क़र्ज़ों, कंपनी के साझा धन के लिए संघर्ष। परंपरा के अनुसार संकट प्रबंधन और पुनर्गठन के लिए अच्छा, दूसरों के पैसे से जोखिम के लिए बुरा।

26 नवंबर से। नौवें भाव में मंगल: कामकाजी यात्राएँ, पढ़ाई, नियमों और क़ानूनों पर विवाद। परंपरा के अनुसार अपने काम को सामान्य सीमाओं से आगे ले जाने की ऊर्जा।

शनि — मेष में, चौथा भाव वक्री

चौथे भाव में शनि: करियर घरेलू ज़िम्मेदारियों के पीछे चला जाता है। परंपरा के अनुसार यह नींव डालने का दौर है — घर में भी और काम में भी।

बुध — वृश्चिक में, ग्यारहवाँ भाव वक्री

बुध ग्यारहवें भाव में: दोस्तों से और समुदायों में संवाद, विचारों का आदान-प्रदान।

बुध इस समय वक्री है। परंपरा के अनुसार यह समीक्षा करने और काम दोबारा करने का समय है: पुराने मुद्दे और लोग लौट आते हैं, और नए अनुबंधों, यात्राओं और उपकरणों की ख़रीद की योजना समय की गुंजाइश रखकर बनाने की सलाह दी जाती है।

दसवाँ भाव (करियर और प्रतिष्ठा): शुक्र।

24 नवंबर को पूर्णिमा — आपका छठा भाव: काम और स्वास्थ्य।

अवधि के पहलू: 18 नव॰ — सूर्य □ बृहस्पति (तनावपूर्ण); 19 नव॰ — सूर्य □ मंगल (तनावपूर्ण); 24 नव॰ — सूर्य △ नेपच्यून (सामंजस्यपूर्ण); 25 नव॰ — सूर्य ⚹ प्लूटो (सामंजस्यपूर्ण); 26 नव॰ — सूर्य ☍ यूरेनस (तनावपूर्ण); 30 नव॰ — सूर्य △ शनि (सामंजस्यपूर्ण)।

अच्छे दिन

  • बुध, 4 नवंबर — चंद्रमा — नौवाँ भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति
  • मंगल, 10 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव; शुक्र ⚹ मंगल
  • बुध, 25 नवंबर — चंद्रमा — छठा भाव; सूर्य ⚹ प्लूटो
  • शनि, 28 नवंबर — चंद्रमा — सातवाँ भाव; शुक्र ⚹ बृहस्पति

धन

बृहस्पति — सिंह में, आठवाँ भाव

आठवें भाव में बृहस्पति: परंपरा के अनुसार दूसरों के पैसे में भाग्य — अच्छी शर्तों पर क़र्ज़, विरासत, साथी की आय, बीमा भुगतान।

शुक्र — तुला में, दसवाँ भाव वक्री

दसवें भाव में शुक्र: वरिष्ठों की कृपा — वेतन वृद्धि या बोनस माँगने का अच्छा समय, ख़ासकर सौंदर्य, कला या लोगों से जुड़े काम में।

आठवाँ भाव (साझा धन और बदलाव): मंगल, बृहस्पति।

ग्यारहवाँ भाव (मित्र और योजनाएँ): सूर्य, बुध।

अच्छे दिन

  • मंगल, 10 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव; शुक्र ⚹ मंगल
  • सोम, 16 नवंबर — चंद्रमा — दूसरा भाव
  • मंगल, 17 नवंबर — चंद्रमा — दूसरा भाव
  • शनि, 28 नवंबर — शुक्र ⚹ बृहस्पति

सेहत और ऊर्जा

26 नवंबर तक। आठवें भाव में मंगल परंपरा के अनुसार कठिन स्थिति है: जोखिम भरे कामों, नियोजित ऑपरेशनों और ठंड लगने से सावधान रहें; ताक़त धीरे लौटती है।

26 नवंबर से। नौवें भाव में मंगल: परंपरा के अनुसार कूल्हों और जिगर का ध्यान रखें, और लंबी यात्राओं व साहसिक पर्यटन में सावधान रहें।

चौथे भाव में शनि: परंपरा के अनुसार पेट का ध्यान रखें और घर को नम और ठंडा न होने दें।

24 नवंबर को पूर्णिमा — आपका छठा भाव: काम और स्वास्थ्य।

जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवें या बारहवें भाव में होता है, तो परंपरा के अनुसार वह ताक़त खींचता है — इन दिनों आराम करें; पहले भाव में और पाँचवें व नौवें में (आपकी राशि से त्रिकोण) ऊर्जा सबसे ज़्यादा होती है।

अच्छे दिन

  • मंगल, 10 नवंबर — चंद्रमा — ग्यारहवाँ भाव; शुक्र ⚹ मंगल
  • शुक्र, 13 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
  • शनि, 14 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव
  • रवि, 15 नवंबर — चंद्रमा — पहला भाव

कठिन दिन

  • बुध, 11 नवंबर — चंद्रमा — बारहवाँ भाव
  • गुरु, 12 नवंबर — चंद्रमा — बारहवाँ भाव

ये सेहत के बारे में ज्योतिषीय सुझाव हैं, चिकित्सा सलाह नहीं: तबीयत ठीक न लगे तो डॉक्टर से मिलें।

महीने के पहलू

तारीख़पहलूभाव
4 नव॰शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण10 · 8
4 नव॰सूर्य ☌ बुध · युति11 · 11
10 नव॰शुक्र ⚹ मंगल · षडांश सामंजस्यपूर्ण10 · 8
16 नव॰मंगल ☌ बृहस्पति · युति8 · 8
18 नव॰सूर्य □ बृहस्पति · केंद्र तनावपूर्ण11 · 8
19 नव॰सूर्य □ मंगल · केंद्र तनावपूर्ण11 · 8
24 नव॰सूर्य △ नेपच्यून · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण12 · 4
25 नव॰सूर्य ⚹ प्लूटो · षडांश सामंजस्यपूर्ण12 · 2
26 नव॰सूर्य ☍ यूरेनस · प्रतियुति तनावपूर्ण12 · 6
28 नव॰शुक्र ⚹ बृहस्पति · षडांश सामंजस्यपूर्ण10 · 8
30 नव॰सूर्य △ शनि · त्रिकोण सामंजस्यपूर्ण12 · 4

भाव — आपकी राशि से गिने गए उन भावों की संख्या, जिनमें ग्रह स्थित हैं। सामंजस्यपूर्ण पहलू षडांश और त्रिकोण हैं (और शुक्र या बृहस्पति से युति); तनावपूर्ण — केंद्र और प्रतियुति (और मंगल या शनि से युति)।

दिन-ब-दिन

दिनचंद्रमा का भावघटनाएँआकलन
रवि, 1 नव॰7 → 8 · साझा धन और बदलावसंतुलित
सोम, 2 नव॰8 · साझा धन और बदलावसंतुलित
मंगल, 3 नव॰8 → 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाईसंतुलित
बुध, 4 नव॰9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाईशुक्र ⚹ बृहस्पति; सूर्य ☌ बुधअच्छा
गुरु, 5 नव॰9 → 10 · करियर और प्रतिष्ठाअच्छा
शुक्र, 6 नव॰10 · करियर और प्रतिष्ठाअच्छा
शनि, 7 नव॰10 · करियर और प्रतिष्ठाअच्छा
रवि, 8 नव॰10 → 11 · मित्र और योजनाएँअच्छा
सोम, 9 नव॰11 · मित्र और योजनाएँअमावस्याअच्छा
मंगल, 10 नव॰11 → 12 · विश्राम और एकांतशुक्र ⚹ मंगलअच्छा
बुध, 11 नव॰12 · विश्राम और एकांतकठिन
गुरु, 12 नव॰12 · विश्राम और एकांतकठिन
शुक्र, 13 नव॰12 → 1 · व्यक्तित्व और सेहतबुध: मार्गी होता हैअच्छा
शनि, 14 नव॰1 · व्यक्तित्व और सेहतशुक्र: मार्गी होता हैअच्छा
रवि, 15 नव॰1 → 2 · धन और संपत्तिअच्छा
सोम, 16 नव॰2 · धन और संपत्तिमंगल ☌ बृहस्पतिअच्छा
मंगल, 17 नव॰2 · धन और संपत्तिअच्छा
बुध, 18 नव॰2 → 3 · संवाद और यात्राएँसूर्य □ बृहस्पतिसंतुलित
गुरु, 19 नव॰3 · संवाद और यात्राएँसूर्य □ मंगलसंतुलित
शुक्र, 20 नव॰3 → 4 · घर और परिवारअच्छा
शनि, 21 नव॰4 · घर और परिवारअच्छा
रवि, 22 नव॰4 → 5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकतासूर्य → धनुअच्छा
सोम, 23 नव॰5 · प्रेम, संतान, रचनात्मकताअच्छा
मंगल, 24 नव॰5 → 6 · काम और स्वास्थ्यसूर्य △ नेपच्यून; पूर्णिमाअच्छा
बुध, 25 नव॰6 · काम और स्वास्थ्यसूर्य ⚹ प्लूटोअच्छा
गुरु, 26 नव॰6 → 7 · साझेदार और अनुबंधसूर्य ☍ यूरेनस; मंगल → कन्याअच्छा
शुक्र, 27 नव॰7 · साझेदार और अनुबंधअच्छा
शनि, 28 नव॰7 → 8 · साझा धन और बदलावशुक्र ⚹ बृहस्पतिअच्छा
रवि, 29 नव॰8 · साझा धन और बदलावअच्छा
सोम, 30 नव॰8 → 9 · लंबी यात्राएँ और पढ़ाईसूर्य △ शनिअच्छा

दिन का आकलन परंपरा के नियमों के अनुसार अंकों का योग है: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ और वक्री गति, पहलू, ठहराव, उस दिन की अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण।

यह राशिफल कैसे बनाया गया है

मासिक राशिफल महीने की पहली से आख़िरी तारीख़ तक आकाश की वास्तविक घटनाओं से बना है: सूर्य और ग्रहों का नई राशियों में जाना, बुध, शुक्र, मंगल और बाहरी ग्रहों का वक्री-मार्गी होना, अमावस्या और पूर्णिमा, ग्रहण और महीने की सभी सटीक दृष्टियाँ। स्थितियाँ JPL DE421 एफ़ेमेरिस से ली गई हैं।

घटनाओं को सौर भावों के नियम से आपकी राशि की भाषा में बदला जाता है: मकर — पहला भाव, अगली राशि — दूसरा, और इसी तरह आगे। क्षेत्रों का अलग-अलग विश्लेषण किया गया है: प्रेम — शुक्र और मंगल से, काम — मंगल, शनि और बुध से, धन — बृहस्पति और शुक्र से, ऊर्जा — मंगल, शनि और चंद्रमा से।

हर क्षेत्र के शुभ दिन — सबसे ज़्यादा अंकों वाले दिन: चंद्रमा का भाव, ग्रहों की स्थितियाँ, उनका वक्री होना, सटीक दृष्टियाँ, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण। “दिनवार” तालिका में महीने के हर दिन का आकलन और वे घटनाएँ दिखती हैं जिनसे वह बना।

मकर का स्वामी

राशि का स्वामी — शनि। परंपरा के अनुसार मकर के लिए उसकी स्थिति और दृष्टियाँ दूसरी राशियों से ज़्यादा मायने रखती हैं: स्वामी की शुभ दृष्टियाँ पूरी अवधि को मज़बूत करती हैं, तनावपूर्ण — उसे कठिन बनाती हैं।

मकर राशिफल — दूसरी अवधियों के लिए

यह पाठ सभी मकर राशि वालों के लिए एक जैसा है — राशि के अनुसार राशिफल की बनावट ही ऐसी है, और इसकी भविष्यवाणी की शक्ति सिद्ध नहीं है। व्यक्तिगत तस्वीर जन्म कुंडली पर गोचर से मिलती है, और राशि का स्वभाव — मकर पेज पर।

दूसरी राशियों का मासिक राशिफल