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पाँचवाँ आर्काना — द हायरोफ़ैंट। विषय है परंपरा और शिक्षण: ज्ञान और नियमों को आगे बढ़ाना।
संतुलित पक्ष
समझाने का हुनर, मार्गदर्शन, अनुभव का सम्मान और दूसरों का सहारा बनने की क्षमता। संतुलित अवस्था में यह भीतरी दृढ़ता और साफ़ मूल्य देता है।
छाया पक्ष
रूढ़िवादिता: नियम लोगों से ज़्यादा अहम हो जाते हैं, और अपनी राय — एकमात्र सही। अक्सर बिना पूछे उपदेश देने की आदत भी जुड़ जाती है।