खाना 5
पाँचवाँ खाना — तर्क और अंतर्ज्ञान: व्यक्ति निष्कर्षों तक कैसे पहुँचता है।
संख्या का क्या अर्थ है
ख़ाली — निष्कर्ष तर्क से नहीं, अनुभव और ग़लतियों से निकलते हैं। एक-दो 5 — तर्क और सहज बोध का सामान्य मेल। तीन और ज़्यादा — प्रबल अंतर्ज्ञान, जिसे ऐसे लोग “बस पता है” कहकर बताते हैं।
किस बात पर ध्यान दें
पाँचवाँ खाना वर्ग के केंद्र में है और आठ में से चार रेखाओं में शामिल होता है — स्तंभ 4-5-6, पंक्ति 2-5-8 और दोनों विकर्ण, इसलिए समग्र तस्वीर में उसका वज़न बाकी खानों से ज़्यादा है।