31 — 30 का प्रबल रूप: एकांत, वैराग्य, दुनिया से दूरी।
इसका अर्थ है ऐसी आत्मनिर्भरता जो अलगाव तक पहुँच जाती है। परंपरा इस अंक को उन लोगों से जोड़ती है जो जान-बूझकर किनारे का जीवन चुनते हैं।