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हेक्साग्राम 29 “कान” — “अथाह गर्त”, “दोहरा ख़तरा”। परिवर्तन की पुस्तक के सबसे कठिन हेक्साग्रामों में से एक।
हेक्साग्राम का प्रतीक
यह हेक्साग्राम दो एक जैसे त्रिग्राम कान (जल) से बना है। जल के ऊपर जल: दोहरा गर्त, ऐसी धारा जिसका न तल है न किनारा।
सामान्य अर्थ
उत्तर भारी है: ख़तरा वास्तविक है और अकेला नहीं — पहले के बाद दूसरा आता है। कान बाहर से बचाव का वादा नहीं करता। शास्त्रीय सलाह है — जल की तरह व्यवहार करें: बाधा के आकार का विरोध न करें, वहाँ बहें जहाँ रास्ता हो, और भीतर की सच्चाई बनाए रखें, क्योंकि इस स्थिति में केवल वही सहारा रह जाती है।
प्रेम और काम में
रिश्तों में — कठिन दौर, बार-बार लौटता संकट, खोने का डर; इससे दिखावटी क़दमों से नहीं, ईमानदारी से निकला जाता है। काम में — जोखिम, कर्ज़, लगातार असफलताएँ। किसी नए जोखिम भरे क़दम के प्रश्न पर उत्तर — ना।
क्या करें
हालात के हिसाब से, छोटे क़दमों में आगे बढ़िए, और स्थिति के बारे में ख़ुद से झूठ मत बोलिए। कान से पार पाया जाता है, पर एक झटके में नहीं।