योग 6
योग 6 — निचले आधे हिस्से का मध्य; इसकी व्याख्या ऐसे नुक़सान के रूप में होती है जिसकी भरपाई किसी लाभ से हो जाती है।
व्याख्या
शास्त्रीय अर्थ — “कुछ खोएँगे, कुछ पाएँगे”: एक अदला-बदली, जिसमें अंत लगभग शुरुआत के बराबर रहता है। अक्सर यह ऐसे फ़ैसले की ओर इशारा करता है, जो किसी दूसरी चीज़ को छोड़ने की क़ीमत पर लेना पड़ेगा।
पैसों से जुड़े प्रश्नों में इसे ऐसे ख़र्च के रूप में पढ़ा जाता है, जो वसूल तो होगा, पर तुरंत नहीं।
आने की संभावना
तीन पासे 216 समान संभावना वाले परिणाम देते हैं (6 × 6 × 6)। इनमें से 10 से योग 6 बनता है, यानी 4.6%।
तुलना के लिए: सबसे ज़्यादा आने वाले योग 10 और 11 — 12.5% मामलों में आते हैं, सबसे दुर्लभ 3 और 18 — 0.46% में।
योग मध्य के जितना क़रीब हो, उतनी ही बार आता है, और पारंपरिक व्याख्याएँ इसका ध्यान रखती हैं: छोर वाले योगों के अर्थ सबसे तीखे हैं।
सलाह
पहले से तय कर लीजिए कि परिणाम के लिए आप क्या क़ीमत चुकाने को तैयार हैं। इस स्थिति में कोई मुफ़्त विकल्प नहीं है।