कान
कान — बीज, चौथा दिन-चिह्न। बीज का दिन: जो पहले से बोया जा चुका है, पर अभी अंकुरित नहीं हुआ।
दिन का स्वभाव
ऐसी चीज़ें शुरू करने के लिए अच्छा जो लंबे समय तक बढ़ेंगी: पढ़ाई, निवेश, वर्षों की अवधि वाली परियोजनाएँ। परंपरा कान को उर्वरता और संचय से जोड़ती है।
इस दिन-चिह्न में जन्मे लोग
इसमें जन्मे लोगों को धैर्यवान और अनदेखी चीज़ों में संभावना देख सकने वाला माना जाता है। कमज़ोरी — आदर्श परिस्थितियों का इंतज़ार, जिसकी वजह से बीज कभी ज़मीन में पहुँचता ही नहीं।