अकबाल
अकबाल — रात और घर, तीसरा दिन-चिह्न। भीतरी दुनिया का दिन: सपनों, मौन और उन बातों का, जिन्हें बाहर नहीं लाया जाता।
दिन का स्वभाव
अकेले किए जाने वाले कामों और घर-गृहस्थी के लिए समय। परंपरा सलाह देती है कि इस दिन के सपनों पर ध्यान दें और सबके सामने फ़ैसले न लें।
इस दिन-चिह्न में जन्मे लोग
इन्हें गहराई, अंतर्ज्ञान और अपने निजी आश्रय की ज़रूरत से जोड़ा जाता है। दूसरा पहलू — अंतर्मुखता और ज़रूरी बातें बहुत देर तक मन में दबाए रखने की आदत।