काल्ली
काल्ली — घर, तीसरा चिह्न। आश्रय, दीवारें, भीतर का स्थान।
दिन का स्वभाव
आराम और घरेलू कामों का दिन। अपनी जगह पर रहना और अपने काम में लगे रहना अच्छा है। परंपरा काल्ली को शांत, लेकिन अपने में सिमटा हुआ दिन मानती थी।
इस चिह्न में जन्मे लोग
इन्हें ठोस, घर से जुड़ा हुआ और सावधान माना जाता था। दूसरा पहलू — जाने-पहचाने दायरे से बाहर निकलने की अनिच्छा।